UP Budget 2026: यूपी बजट 2026-27 में पर्यटन और संस्कृति को बड़ा प्रोत्साहन मिला है। महिला गाइड लाइसेंस शुल्क माफ, 50 हजार नए होमस्टे, पर्यटन नीति 2032 तक विस्तार और 500 करोड़ पर्यटन विकास योजना के लिए प्रावधान किया गया है। पूरी डिटेल नीचे पढ़ें। 

Uttar Pradesh Tourism Budget 2026: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में पर्यटन और संस्कृति को विशेष प्राथमिकता दी है। इस बजट में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं, जिनका उद्देश्य प्रदेश को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर और मजबूत बनाना है। सबसे अहम घोषणा महिला गाइडों से लिए जाने वाले लाइसेंस शुल्क को माफ करना और यूपी पर्यटन नीति 2022 के प्रावधानों को वर्ष 2032 तक बढ़ाना है। इसके अलावा, पर्यटकों के लिए आवासीय सुविधाएं बढ़ाने हेतु 50 हजार नए होमस्टे कमरों के विकास का लक्ष्य तय किया गया है।

महिला गाइड लाइसेंस शुल्क माफ, UP Tourism Policy 2022 का विस्तार 2032 तक

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बजट भाषण में पर्यटन क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। महिला गाइडों से लिए जाने वाले 10,000 रुपये के लाइसेंस शुल्क को पूरी तरह माफ कर दिया गया है। साथ ही यूपी पर्यटन नीति 2022 के सभी प्रावधानों और लाभों को वर्ष 2032 तक बढ़ाने की घोषणा की गई है। इससे निवेश को बढ़ावा मिलेगा और पर्यटन उद्योग को स्थिरता मिलेगी।

50 हजार नए होमस्टे कमरे: डिजिटल पंजीकरण और सिंगल विंडो सिस्टम

प्रदेश में बढ़ते पर्यटकों की संख्या को देखते हुए सरकार ने वर्ष 2026-27 में 50,000 नए होमस्टे कमरों के विकास का लक्ष्य रखा है। इन होमस्टे को हैरिटेज, शहरी और ग्रामीण श्रेणियों में बांटा जाएगा। सुविधाओं के आधार पर इन्हें सिल्वर और गोल्ड स्तर में वर्गीकृत किया जाएगा। ब्रांडेड संचालकों को होमस्टे आवास पट्टे पर लेने की अनुमति भी दी जाएगी। सभी होमस्टे का 100 प्रतिशत डिजिटल पंजीकरण होगा और सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे प्रक्रिया आसान और पारदर्शी बनेगी।

122 करोड़ पर्यटक पहुंचे, 500 करोड़ पर्यटन विकास योजना के लिए

वित्त मंत्री ने बताया कि वर्ष 2025 के पहले छह महीनों में उत्तर प्रदेश में लगभग 122 करोड़ पर्यटक पहुंचे, जो एक रिकॉर्ड है। बढ़ते पर्यटन प्रवाह को देखते हुए मुख्यमंत्री पर्यटन स्थल विकास योजना के तहत 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। अयोध्याधाम में पर्यटन अवसंरचना के लिए श्री अयोध्या तीर्थ विकास परिषद को 150 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा-

  • नैमिषारण्य तीर्थक्षेत्र- 100 करोड़ रुपये
  • विंध्यवासिनी धाम- 100 करोड़ रुपये
  • वाराणसी- 100 करोड़ रुपये

धर्मार्थ कार्य विभाग द्वारा मिर्जापुर के त्रिकोणीय क्षेत्र, माँ विंध्यवासिनी मंदिर, माँ अष्टभुजा मंदिर और मां काली खोह मंदिर के परिक्रमा पथ व जनसुविधा विकास के लिए 200 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। प्रदेश के संरक्षित मंदिरों के जीर्णोद्धार और पुनर्निर्माण के लिए 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है।

अयोध्या, काशी, प्रयागराज में सांस्कृतिक परियोजनाएं और संग्रहालय

वित्त मंत्री ने पर्यटन और संस्कृति विभाग की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि अयोध्या में रामपथ निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। इससे श्रद्धालुओं को सुगम यात्रा का अनुभव मिलेगा। इसके अलावा-

  • काशी में वैदिक विज्ञान केंद्र और प्रयागराज में निषादराज गुहा सांस्कृतिक केंद्र स्थापित किए जा चुके हैं।
  • बलरामपुर में थारू जनजाति संस्कृति संग्रहालय, वाराणसी में स्व. लाल बहादुर शास्त्री संग्रहालय और बटेश्वर में भारतरत्न अटल बिहारी वाजपेयी के गांव में संग्रहालय एवं संकुल का निर्माण पूरा हो चुका है।
  • लखनऊ के ऐशबाग में डॉ. बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर स्मारक एवं सांस्कृतिक केंद्र का निर्माण कार्य जारी है।
  • अयोध्या, मथुरा-वृंदावन, काशी-सारनाथ और प्रयागराज जैसे प्रमुख तीर्थ स्थलों पर भी अवसंरचना और पर्यटन सुविधाओं का तेजी से विकास किया जा रहा है।

पर्यटन हब बनने की ओर उत्तर प्रदेश

बजट 2026-27 की ये घोषणाएं उत्तर प्रदेश को पर्यटन और सांस्कृतिक हब के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। इससे न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी, बल्कि रोजगार सृजन के नए अवसर भी पैदा होंगे। साथ ही प्रदेश की धार्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत का संरक्षण और संवर्धन होगा, जिससे उत्तर प्रदेश पर्यटकों की पसंदीदा डेस्टिनेशन बन सकेगा। यह बजट आस्था, संस्कृति और विकास के संतुलित समन्वय का उदाहरण है।