उत्तर प्रदेश सरकार ने 2026-27 के लिए 9.12 लाख करोड़ रुपये का अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया। शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, AI मिशन, महिला सशक्तिकरण और सोलर पंप योजना पर खास फोकस है। राजकोषीय घाटा 3% सीमा के भीतर रखा गया है।
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने विधानसभा में योगी सरकार का वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश किया। “नव निर्माण के नौ वर्ष” थीम पर आधारित इस बजट का कुल आकार 9,12,696.35 करोड़ रुपये है। यह पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 की तुलना में लगभग 12.9% अधिक है और राज्य के इतिहास का अब तक का सबसे बड़ा बजट है। वित्त मंत्री ने कहा कि यह बजट राज्य की बढ़ती आर्थिक क्षमता, निवेश के अनुकूल माहौल और मजबूत वित्तीय प्रबंधन का परिणाम है। इसमें विकास, वित्तीय अनुशासन और भविष्य की तैयारी पर समान जोर दिया गया है। किसान, युवा, महिलाएं, छात्र-छात्राएं और हर वर्ग को ध्यान में रखकर बजट तैयार किया गया है।
शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि को प्राथमिकता
बजट में 19.5% पूंजीगत व्यय का प्रावधान किया गया है, जिससे आधारभूत ढांचे, सड़क, ऊर्जा, औद्योगिक विकास और शहरी-ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर को गति मिलेगी।
सामाजिक क्षेत्रों को भी प्रमुख स्थान दिया गया है—
शिक्षा: 12.4%
स्वास्थ्य एवं चिकित्सा: 6%
कृषि एवं सम्बद्ध सेवाएं: 9%
सरकार का फोकस मानव संसाधन विकास और किसानों की आय बढ़ाने पर है।
राजकोषीय घाटा 3% सीमा के भीतर
वित्त मंत्री ने बताया कि 2026-27 में राजकोषीय घाटा 1,18,480.59 करोड़ रुपये अनुमानित है, जो जीएसडीपी का 2.98% है। यह 3% की निर्धारित सीमा के भीतर है। सरकार ने वित्तीय अनुशासन बनाए रखने की प्रतिबद्धता दोहराई है। बजट में विकास योजनाओं के साथ राजस्व बचत और नियंत्रित घाटे पर भी ध्यान दिया गया है।
डीजल से सोलर पंप की ओर बड़ा कदम
कृषि क्षेत्र में डीजल पंप को सोलर पंप में बदलने के लिए 637.84 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे किसानों की लागत घटेगी और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।
महिला किसान वर्ष और एफपीओ को मजबूती
2026 को अंतर्राष्ट्रीय महिला किसान वर्ष घोषित किए जाने के मद्देनजर एफपीओ के लिए 150 करोड़ रुपये का रिवॉल्विंग फंड स्थापित किया जाएगा। सरकार इसमें 75 करोड़ रुपये देगी।
प्रत्येक पात्र एफपीओ को 50 लाख रुपये तक ऋण सीमा
- एग्री एक्सपोर्ट हब के लिए 245 करोड़ रुपये
- मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना: 38 करोड़ रुपये
- 2 लाख मीट्रिक टन अतिरिक्त भंडारण क्षमता: 25 करोड़ रुपये
- स्वच्छताकर्मियों को 16 से 20 हजार रुपये सीधे खाते में भेजने का भी प्रावधान किया गया है।
- शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्राओं के लिए विशेष प्रावधान
- बेसिक शिक्षा परिषद कर्मियों के लिए कैशलेस चिकित्सा: 357.84 करोड़ रुपये
- माध्यमिक शिक्षकों के लिए: 89.25 करोड़ रुपये
- छात्राओं को मुफ्त सैनेटरी नैपकिन: 300 करोड़ रुपये
- एआई प्रमाणन शुल्क प्रतिपूर्ति: 10 करोड़ रुपये
- मुख्यमंत्री विद्यालक्ष्मी योजना (ब्याज सब्सिडी): 30 करोड़ रुपये
- MSME, रोजगार और फिल्म सिटी परियोजना
- सरदार वल्लभभाई पटेल इंप्लॉइमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन: 575 करोड़ रुपये
- एक जनपद एक व्यंजन (ODOP Food): 75 करोड़ रुपये
- इंटरनेशनल फिल्म सिटी परियोजना को बढ़ावा
- इन योजनाओं से रोजगार और निवेश को गति मिलेगी।
यूपी एआई मिशन और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर
‘उत्तर प्रदेश एआई मिशन’ के तहत अगले तीन वर्षों में लगभग 2000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। 2026-27 में 225 करोड़ रुपये का प्रावधान है।
- स्टेट डाटा सेंटर 2.0: 100 करोड़ रुपये
- स्टेट डाटा अथॉरिटी: 10 करोड़ रुपये
- जन विश्वास सिद्धांत लागू करने के लिए: 10 करोड़ रुपये
- महिला सशक्तिकरण पर विशेष फोकस
- महिला उद्यमी क्रेडिट कार्ड योजना: 200 करोड़ रुपये
- महिला उत्पाद विपणन योजना: 100 करोड़ रुपये
- रेलवे स्टेशन, बस स्टेशन और एयरपोर्ट पर महिला संचालित शोरूम की व्यवस्था की जाएगी।
ऋण प्रबंधन में सुधार
2016-17 में ऋण-जीएसडीपी अनुपात 29.3% था, जिसे 2024-25 में 27% से नीचे लाया गया। 2026-27 में इसे 23.1% तक लाने का लक्ष्य है। सरकार ने इसे चरणबद्ध रूप से 20% से नीचे लाने का संकल्प दोहराया है।
- पूंजीगत निवेश और वित्तीय संरचना
- कुल व्यय: 9,12,696.35 करोड़ रुपये
- राजस्व व्यय: 6,64,470.55 करोड़ रुपये
- पूंजी व्यय: 2,48,225.81 करोड़ रुपये
- राजस्व बचत: 64,457.57 करोड़ रुपये
- राज्य की कुल प्राप्तियां: 8,48,233.18 करोड़ रुपये
- स्वयं के कर राजस्व में निरंतर वृद्धि राज्य की आर्थिक आत्मनिर्भरता को दर्शाती है।


