उज्जैन में ग्रामीण डाक सेवक सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘आरती भोग प्रसाद’ का विमोचन किया। महाकाल और ओंकारेश्वर मंदिर की प्रसादी अब डाक सेवा से घर-घर पहुंचेगी। प्रदेश में 16,800 से अधिक ग्रामीण डाक सेवक सक्रिय हैं।
भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन के कार्तिक मेला मैदान में आयोजित ग्रामीण डाक सेवक सम्मेलन में भाग लिया। इस मौके पर उन्होंने ‘आरती भोग प्रसाद’ का विमोचन किया और प्रदेशभर से आए ग्रामीण डाक सेवकों को सम्मानित कर उनके योगदान की सराहना की। कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। समारोह के दौरान मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री ने भारतीय डाक विभाग के माध्यम से उज्जैन स्थित श्री महाकालेश्वर मंदिर और श्री ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर की प्रसादी आम लोगों तक पहुंचाने के लिए नई पोस्टल सेवा की शुरुआत की। इसके अलावा उज्जैन के प्रसिद्ध स्थलों पर आधारित पिक्टोरियल पोस्ट कार्ड का भी विमोचन किया गया।
भारतीय डाक व्यवस्था की बदलती भूमिका और नई पहल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि नागरिकों के हित में भारतीय डाक व्यवस्था ने हमेशा अहम भूमिका निभाई है। ब्रिटिश काल से शुरू हुई डाक प्रणाली समय के साथ आधुनिक रूप लेती गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डाक विभाग में कई महत्वपूर्ण बदलाव हुए हैं। पहले जो विभाग केवल चिट्ठियां पहुंचाने तक सीमित था, वह अब बाबा महाकाल की प्रसादी घर-घर पहुंचाने जैसी नई सेवाएं भी दे रहा है। डाकघरों के माध्यम से लोगों को बीमा योजनाएं, बचत योजनाएं और बैंकिंग सुविधाएं मिल रही हैं। खाते खोलने से लेकर स्पीड पोस्ट और अन्य सेवाओं के जरिए लोगों को तेज और बेहतर सुविधा दी जा रही है।
ग्रामीण डाक सेवक: ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण डाक सेवक देश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव हैं। वे हमारे सैनिकों की तरह समर्पण भाव से काम करते हैं और गांव-गांव तक सेवाएं पहुंचाते हैं। उन्होंने बताया कि बदलते समय के साथ पोस्ट ऑफिस तेजी से आधुनिक और तकनीकी रूप से सक्षम हो रहे हैं। डाक विभाग को पूरी तरह कंप्यूटरीकृत और डिजिटल बनाया जा रहा है, जिससे आमजन को बेहतर सेवाएं मिल सकें। मुख्यमंत्री ने डाक विभाग को दिन-रात मेहनत कर जनता की सेवा करने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि सूचनाएं पहुंचाने के साथ-साथ डाक विभाग कई जीवन उपयोगी सेवाओं में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
मध्यप्रदेश में 16,800 से अधिक ग्रामीण डाक सेवक सक्रिय
मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्यप्रदेश में 16 हजार 800 से ज्यादा ऊर्जावान ग्रामीण डाक सेवक कार्यरत हैं। ये सेवक गांवों में डाक सेवाओं के साथ-साथ आर्थिक सशक्तिकरण में भी अहम योगदान दे रहे हैं। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में डाक विभाग नई ऊंचाइयों को छू रहा है और ग्रामीण क्षेत्रों में विकास की नई संभावनाएं पैदा कर रहा है।


