Today Top 10 Morning News 5 मई 2026: भारत और दुनिया में राजनीतिक भूकंप, पश्चिम बंगाल में BJP की चौंकाने वाली जीत, तमिलनाडु-केरल में सत्ता उलटफेर, अमेरिका-ईरान तनाव, UAE ड्रोन हमला, रुपया ऐतिहासिक गिरावट और रूस-यूक्रेन युद्ध तेज। वैश्विक अस्थिरता और अनिश्चितता चरम पर।
Top 10 Morning News: 5 मई 2026 की सुबह की प्रमुख खबरों में देश और दुनिया में बड़े राजनीतिक और आर्थिक बदलाव देखने को मिले। पश्चिम बंगाल में BJP की ऐतिहासिक जीत, असम–पुडुचेरी में NDA की वापसी और तमिलनाडु–केरल में सत्ता परिवर्तन ने भारतीय राजनीति को नया मोड़ दिया। विदेश में अमेरिका–ईरान तनाव, रूस-यूक्रेन युद्ध, रुपया रिकॉर्ड गिरावट और UAE ड्रोन हमले जैसी घटनाएँ सुर्खियों में रहीं। खेल जगत में IPL में मुंबई इंडियंस की रोमांचक जीत ने भी ध्यान खींचा।
1. पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: BJP की ऐतिहासिक जीत
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों ने भारतीय राजनीति में बड़ा बदलाव ला दिया है। BJP ने 200 से अधिक सीटें जीतकर राज्य में ममता बनर्जी के 15 साल लंबे शासन को समाप्त कर दिया है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) को करारी हार का सामना करना पड़ा और पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी अपनी भवानीपुर सीट भी हार गईं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस जीत को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि “गंगोत्री से गंगासागर तक कमल खिल गया है”, जिससे राजनीतिक माहौल पूरी तरह बदल गया है।
2. असम और पुडुचेरी में NDA की निरंतर सत्ता
असम में मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के नेतृत्व में NDA ने लगातार तीसरी बार सत्ता हासिल कर मजबूत राजनीतिक पकड़ दिखाई है। विकास और स्थिरता के मुद्दों पर जनता ने गठबंधन पर भरोसा जताया। वहीं पुडुचेरी में भी NDA ने अपनी सरकार को बनाए रखा, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि पूर्वोत्तर और केंद्र शासित क्षेत्रों में भाजपा गठबंधन की पकड़ और मजबूत हुई है।
3. तमिलनाडु में TVK का उदय और राजनीतिक भूचाल
तमिलनाडु में अभिनेता विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कज़गम (TVK) ने राजनीतिक समीकरण बदल दिए हैं। पार्टी ने 100 से अधिक सीटों पर बढ़त बनाकर DMK को बड़ा झटका दिया है। मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन की स्थिति कमजोर हुई है और यह संकेत मिलता है कि राज्य की राजनीति अब नए नेतृत्व की ओर बढ़ रही है। TVK का उदय राज्य की पारंपरिक राजनीति के लिए बड़ा चुनौतीपूर्ण मोड़ है।
4. केरल में UDF की बड़ी जीत
केरल विधानसभा चुनावों में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) ने 102 सीटें जीतकर वामपंथी गठबंधन (LDF) को सत्ता से बाहर कर दिया है। यह 1977 के बाद पहली बार है जब लेफ्ट पूरी तरह सत्ता से बाहर हुआ है। BJP ने भी राज्य में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। पिनाराई विजयन अपने क्षेत्र में पीछे रहे, जिससे राज्य की राजनीति में बड़ा परिवर्तन देखने को मिला है।
5. ईरान–अमेरिका तनाव और ‘Project Freedom’
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘Project Freedom’ लॉन्च किया है, जिसका उद्देश्य होर्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। ईरान के साथ बढ़ते तनाव और ड्रोन-मिसाइल घटनाओं के बाद यह कदम उठाया गया है। इस कदम ने पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव को और अधिक बढ़ा दिया है।
6. भारत-नेपाल लिपुलेख विवाद
भारत ने नेपाल द्वारा लिपुलेख दर्रे और कैलाश मानसरोवर यात्रा मार्ग पर जताई गई आपत्ति को सख्ती से खारिज कर दिया है। भारत ने स्पष्ट किया कि यह मार्ग 1954 से उपयोग में है और ऐतिहासिक रूप से भारतीय क्षेत्र का हिस्सा है। यह विवाद भारत-नेपाल संबंधों में नई कूटनीतिक संवेदनशीलता को दर्शाता है।
7. UAE ड्रोन हमला और भारतीय नागरिक घायल
UAE के फुजैराह में एक ड्रोन हमले के बाद लगी आग में तीन भारतीय नागरिक घायल हो गए। हमले ने क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रक्षा मंत्रालय ने बताया कि कई ड्रोन और मिसाइलों को बीच में ही रोक दिया गया था, लेकिन फिर भी कुछ नुकसान हुआ। इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय यात्रा और व्यापार पर भी असर डाला है।
8. रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर पर
भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले अब तक के सबसे निचले स्तर 95.23 पर पहुंच गया है। विदेशी निवेशकों द्वारा बड़े पैमाने पर पूंजी निकासी और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव इसके प्रमुख कारण रहे। तेल की बढ़ती कीमतों ने भी दबाव बढ़ाया है, जिससे आयात लागत और आर्थिक अस्थिरता बढ़ी है।
9. रूस-यूक्रेन युद्ध में बढ़ती हिंसा
रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष लगातार गंभीर होता जा रहा है। हालिया ड्रोन और मिसाइल हमलों में 10 लोगों की मौत और 76 घायल हुए हैं। दोनों पक्षों के बीच लड़ाई तेज हो गई है और अंतरराष्ट्रीय प्रयासों के बावजूद युद्धविराम की संभावना कमजोर बनी हुई है।
10. आधार और नागरिकता पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
घुसपैठ और पहचान सुरक्षा को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक महत्वपूर्ण PIL पर सुनवाई होगी। याचिका में मांग की गई है कि आधार कार्ड जारी करने की प्रक्रिया और सख्त की जाए, ताकि अवैध नागरिकों को दस्तावेज न मिल सकें। यह मामला राष्ट्रीय सुरक्षा और पहचान व्यवस्था से जुड़ा हुआ अत्यंत महत्वपूर्ण मुद्दा बन गया है।


