TCS Nashik Case News: नासिक TCS ऑफिस में महिला कर्मचारी ने छत पर बैठाकर काम कराने, फोन जब्त करने और मानसिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए। 7 आरोपी गिरफ्तार, SIT जांच जारी। जानिए पूरा मामला, कंपनी का बयान और पुलिस की कार्रवाई।

देश की बड़ी आईटी कंपनियों में से एक टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ (TCS) के नासिक ऑफिस से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने कॉर्पोरेट वर्क कल्चर पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। NDTV के अनुसार, एक महिला कर्मचारी ने आरोप लगाया है कि उसे ऑफिस की मुख्य बिल्डिंग से अलग छत पर अकेले काम करने के लिए मजबूर किया गया और उसके फोन व निजी सामान जब्त कर लिए जाते थे। यह मामला सामने आने के बाद पुलिस जांच तेज हो गई है और अब तक कई लोगों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है।

“मुझे छत पर अकेले बैठाया गया…” पीड़िता का दावा

NDTV से बातचीत में महिला कर्मचारी ने बताया कि वह पिछले 6 साल से कंपनी में काम कर रही हैं। ट्रांसफर के बाद उन्हें नासिक ऑफिस में एक अलग ही स्थिति का सामना करना पड़ा। उनका कहना है कि उन्हें ऑफिस की मुख्य बिल्डिंग से अलग एक रूफटॉप एरिया में बैठाकर काम कराया जाता था। जब भी वह नीचे आती थीं, तो उनका फोन, बैग और अन्य निजी सामान “सिक्योरिटी” के नाम पर जब्त कर लिया जाता था। पीड़िता ने यह भी दावा किया कि ऑफिस में कई युवा कर्मचारियों, खासकर महिलाओं को निशाना बनाया जा रहा था और उन्हें मानसिक रूप से प्रभावित करने की कोशिश की जाती थी।

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“20-25 साल की लड़कियों को टारगेट किया गया”

महिला कर्मचारी के अनुसार, ऑफिस में 20 से 25 साल की युवतियों को आसान निशाना समझकर उनसे संपर्क किया जाता था। उन्होंने कहा कि अगर कोई शिकायत करने की कोशिश करता, तो माहौल ऐसा था कि HR तक जाने में भी डर लगता था। उन्होंने यह भी कहा कि अगर वह समय रहते बाहर नहीं निकलतीं, तो उनके साथ भी गंभीर घटना हो सकती थी। इस खुलासे के बाद उनके परिवार में भी डर और चिंता का माहौल है।

दूसरी कर्मचारी का दावा: “रिलेशनशिप और धर्म बदलने का दबाव”

इसी बीच एक कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी ने भी बताया कि कुछ लोग पुरुष कर्मचारियों को हिंदू लड़कियों से दोस्ती और शादी करने के लिए उकसाते थे। इसके साथ ही धर्म परिवर्तन की बातें भी की जाती थीं और इसके बदले पैसे दिए जाने का भी दावा किया गया। हालांकि, इन आरोपों की जांच अभी जारी है और पुलिस हर पहलू को खंगाल रही है।

2022 से 2026 तक 9 शिकायतें, SIT जांच शुरू

नासिक पुलिस के मुताबिक, इस मामले में फरवरी 2022 से मार्च 2026 के बीच मानसिक और यौन उत्पीड़न से जुड़ी 9 शिकायतें दर्ज हुई हैं। इनमें 8 महिला कर्मचारियों की शिकायत शामिल है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया है, जो सभी आरोपों की गहराई से जांच कर रही है।

7 आरोपी गिरफ्तार, HR मैनेजर भी शामिल

पुलिस ने अब तक 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें HR मैनेजर भी शामिल हैं। आरोप है कि शिकायत करने पर कर्मचारियों को नौकरी से निकालने की धमकी दी जाती थी। जांच में यह भी सामने आया है कि एक आरोपी ने शादी का झांसा देकर एक महिला के साथ शारीरिक संबंध बनाए। वहीं, अन्य मामलों में छेड़छाड़, आपत्तिजनक टिप्पणियां और मानसिक उत्पीड़न के आरोप भी लगे हैं। एक महिला कर्मचारी अभी भी लापता बताई जा रही है, जिससे मामला और गंभीर हो गया है।

TCS का बयान: “जीरो टॉलरेंस पॉलिसी, जांच में पूरा सहयोग”

इस पूरे मामले पर टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज़ ने आधिकारिक बयान जारी किया है। कंपनी ने कहा है कि वह किसी भी तरह के उत्पीड़न या दबाव को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करती। कंपनी के अनुसार, जिन कर्मचारियों पर आरोप हैं, उन्हें जांच पूरी होने तक सस्पेंड कर दिया गया है और स्थानीय प्रशासन के साथ पूरा सहयोग किया जा रहा है।

चेयरमैन का बयान: “मामला बेहद गंभीर और चिंताजनक”

टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने इस घटना को “बेहद गंभीर और दुखद” बताया है। उन्होंने कहा कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

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