तमिलनाडु चुनाव मतगणना के शुरुआती रुझानों में उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन समेत कई मंत्री और दिग्गज नेता पीछे चल रहे हैं। ये अप्रत्याशित रुझान एक बड़े राजनीतिक बदलाव का संकेत दे रहे हैं।
तमिलनाडु विधानसभा 2026 के अहम चुनाव में वोटों की गिनती शुरू होते ही शुरुआती रुझानों ने कई राजनीतिक दिग्गजों के लिए अप्रत्याशित चुनौती खड़ी कर दी है। खासकर पोस्टल बैलट और शुरुआती राउंड की गिनती में कई मंत्रियों और पूर्व मंत्रियों का पिछड़ना सबका ध्यान खींच रहा है।
चेन्नई और डेल्टा इलाकों में बदलाव के संकेत
चेन्नई की चेपॉक-तिरुवल्लिकेनी सीट पर उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन पीछे चल रहे हैं। इसके अलावा, सैदापेट सीट पर मंत्री मा. सुब्रमण्यम भी बढ़त नहीं बना पाए हैं। ये रुझान शहरी वोटरों के मिजाज पर सवाल खड़े कर रहे हैं।
त्रिची, वेल्लोर में कांटे की टक्कर
त्रिची पश्चिम सीट पर वरिष्ठ मंत्री के.एन. नेहरू पिछड़ गए हैं। वहीं, वेल्लोर की काटपाडी सीट पर मंत्री दुरईमुरुगन AIADMK उम्मीदवार से पीछे चल रहे हैं। आलंदुर में तो मंत्री टी.एम. अनबरसन भी TVK उम्मीदवार से पिछड़ गए हैं।
दक्षिणी जिलों में भी चौंकाने वाले रुझान
मदुरै सेंट्रल सीट पर पी.टी.आर. पलानीवेल त्यागराजन, थूथुकुडी में गीता जीवन और मुथुकुलथुर में राजा कन्नप्पन भी शुरुआती गिनती में पीछे हैं। AIADMK की बात करें तो मदुरै पश्चिम में सेल्लूर राजू और डिंडीगुल में डिंडीगुल श्रीनिवासन भी बढ़त बनाने में नाकाम रहे हैं।
सियासी पारा चढ़ा: क्या होगा बदलाव?
कई और अहम सीटों पर चल रही कांटे की टक्कर ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। हालांकि ये सिर्फ शुरुआती रुझान हैं, लेकिन कई सीटों पर नई पार्टियों की बढ़त को राजनीतिक बदलाव के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। अंतिम नतीजे आने तक यह रोमांच बना रहेगा।
