दिल्ली के IGI एयरपोर्ट से कुत्तों को हटाने पर विवाद छिड़ गया है। पशु प्रेमियों ने बेरहमी का आरोप लगाया है, जबकि अधिकारियों ने यात्रियों की सुरक्षा और 3 महीने में 30 से ज्यादा काटने के मामलों का हवाला दिया है।
नई दिल्ली: इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI Airport) के परिसर से आवारा कुत्तों को हटाने का मामला सोशल मीडिया पर गरमा गया है। पशु प्रेमियों (Animal Lovers) ने इस कार्रवाई से जुड़ी तस्वीरें और वीडियो शेयर किए हैं, जिसके बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी के खिलाफ भारी गुस्सा देखने को मिल रहा है।
'बेरहमी से कुत्तों को हटाया गया'
पशु कल्याण कार्यकर्ता प्रियांशी ने सोशल मीडिया पर इस मामले को उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि 'कडू' नाम का एक बूढ़ा कुत्ता, जो लगभग 14 साल से एयरपोर्ट परिसर में रह रहा था, 26 मार्च से लापता है। कुत्तों को एक अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलन की तैयारियों के तहत वहां से हटाया गया था। प्रियांशी का आरोप है कि जिन कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण हो चुका था और जो शांत स्वभाव के थे, उन्हें भी अधिकारियों ने बड़ी बेरहमी से पकड़ा। उन्होंने जो वीडियो शेयर किए, उनमें कुत्ते बेहद कमजोर हालत में दिख रहे थे, जिससे शक पैदा हुआ कि कहीं उन्हें नशीली दवा तो नहीं दी गई।
सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा
जैसे ही ये वीडियो वायरल हुए, सोशल मीडिया पर लोगों ने तीखी आलोचना शुरू कर दी। एक यूजर ने लिखा, "यह इंसान के रूप में क्रूरता है।" वहीं दूसरे ने कमेंट किया, "अधिकारियों को यह सोचना बंद कर देना चाहिए कि दुनिया सिर्फ इंसानों के लिए है।" कई लोगों ने इस बात पर भी सवाल उठाया कि बिना दांत वाले एक बूढ़े कुत्ते को खतरनाक कैसे माना जा सकता है।
अधिकारियों ने दी अपनी सफाई
आलोचना बढ़ने के बाद दिल्ली एयरपोर्ट के अधिकारियों ने एक आधिकारिक बयान जारी किया। उन्होंने कहा, "वीडियो में दिख रहे कुत्ते ने 30 और 31 मार्च को दो यात्रियों को काटा था। 2 अप्रैल को जब उसी कुत्ते ने फिर से यात्रियों पर हमला करने की कोशिश की, तो एक प्रशिक्षित टीम ने उसे सुरक्षित रूप से पकड़ लिया। पिछले तीन महीनों में एयरपोर्ट परिसर में कुत्ते के काटने के 30 से ज्यादा मामले सामने आए हैं।"
अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि यात्रियों की सुरक्षा उनकी पहली प्राथमिकता है और कुत्तों को सभी सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए पकड़ा गया है। वहीं, पशु प्रेमी उन कुत्तों के अचानक गायब हो जाने और उनके साथ हुए बर्ताव से दुखी हैं, जिनकी वे सालों से देखभाल कर रहे थे। यह मामला अब आवारा कुत्तों की सुरक्षा बनाम आम लोगों की सुरक्षा की एक बड़ी बहस बन गया है।
