बिहार के सिवान में कोचिंग के छात्र सड़क किनारे बैठकर परीक्षा देते दिखे। यह वायरल वीडियो शिक्षा के बुनियादी ढांचे की कमी और छात्रों के दृढ़ संकल्प को दर्शाता है। इस पर लोगों ने व्यवस्था की आलोचना और छात्रों के जज्बे की तारीफ की है।

बिहार के सिवान जिले से एक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। इसमें कुछ बच्चे एक गांव की सड़क के किनारे बैठकर टेस्ट देते दिख रहे हैं। X पर शेयर किए गए इस क्लिप में छात्र लाइनों में बैठे हैं और कुछ तो खड़े होकर ही अपनी परीक्षा दे रहे हैं, जबकि बगल से बाइक और लोग गुजर रहे हैं। वीडियो के साथ कैप्शन में दावा किया गया कि ये बच्चे एक कोचिंग संस्थान के हैं और ऐसे नजारे बिहार में शिक्षा की हालत को दिखाते हैं।

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न क्लासरूम, बस खुली सड़क

यह वीडियो अपनी अजीब सेटिंग की वजह से लोगों का ध्यान खींच रहा है। यहां न तो कोई ठीक-ठाक क्लासरूम है, न बेंच और न ही डेस्क। इसके बजाय, सड़क के किनारे को ही एक अस्थायी एग्जाम हॉल बना दिया गया है। अपने आसपास के शोर और हलचल के बावजूद, छात्र अपने पेपर पर ध्यान लगाते दिख रहे हैं। कई देखने वालों के लिए यह नजारा हैरान करने वाला और चिंताजनक दोनों है।

सोशल मीडिया पर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं

इस वीडियो को लेकर ऑनलाइन तीखी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कुछ यूजर्स ने बुनियादी सुविधाओं की कमी पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि एक तरफ देश स्मार्ट क्लासरूम और डिजिटल लर्निंग की बात करता है, वहीं कई छात्र अब भी ऐसी परिस्थितियों में पढ़ रहे हैं। एक कमेंट में इसे ऐसी जगह बताया गया 'जहां खुली हवा ही क्लासरूम है'। एक अन्य यूजर ने लिखा कि इससे पता चलता है कि शिक्षा के बुनियादी ढांचे के मामले में देश के कई हिस्से अभी भी बहुत पीछे हैं।

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सिस्टम और इंफ्रास्ट्रक्चर की आलोचना

कई यूजर्स ने इसके लिए शिक्षा व्यवस्था की खामियों को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूल सभी छात्रों की जरूरतों को पूरा नहीं कर पा रहे हैं, इसलिए भीड़भाड़ वाले कोचिंग सेंटर आम होते जा रहे हैं।

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कुछ लोगों ने इस स्थिति को बिहार की कम साक्षरता दर से भी जोड़ा और तर्क दिया कि ऐसी परिस्थितियां बच्चों के लिए ठीक से सीखना और मुश्किल बना देती हैं।

छात्रों के जज्बे पर फोकस

वहीं, बहुत से लोगों ने छात्रों के समर्पण की तारीफ भी की। उचित सुविधाओं की कमी के बावजूद, वे परीक्षा दे रहे थे और सीखने की कोशिश कर रहे थे। कुछ यूजर्स ने बताया कि बिहार के छात्र अक्सर राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में अच्छा प्रदर्शन करते हैं और टॉप संस्थानों में दाखिला पाते हैं। उन्होंने कहा कि यह छात्रों की मजबूत इच्छाशक्ति और मेहनत को दिखाता है।

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हालांकि ज्यादातर प्रतिक्रियाएं सोचने वाली थीं, लेकिन ऑनलाइन कुछ कमेंट्स असंवेदनशील भी थे। ऐसे कमेंट्स की दूसरे लोगों ने आलोचना की और कहा कि ध्यान शिक्षा में सुधार और छात्रों की मदद करने पर होना चाहिए।

एक बड़े मुद्दे पर ध्यान गया

इस वायरल वीडियो ने एक बार फिर भारत के कई हिस्सों में छात्रों के सामने आने वाली चुनौतियों पर ध्यान खींचा है। यह बुनियादी ढांचे में कमी और युवा सीखने वालों के दृढ़ संकल्प, दोनों को दिखाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि सभी छात्रों के लिए बेहतर सीखने की स्थिति सुनिश्चित करने के लिए क्लासरूम और पढ़ने की जगह जैसी बुनियादी सुविधाओं में सुधार करना जरूरी है।