सिंगापुर में एक घरेलू सहायिका के साथ हो रहे शोषण का मामला सामने आया है। एक फेसबुक पोस्ट में बताया गया कि उसे सुबह 5 बजे से रात 9.30 बजे तक काम करने के बाद भी बहुत कम खाना दिया जाता है और मालिक उसका पासपोर्ट भी जब्त किए हुए है।

सिंगापुर में एक घरेलू सहायिका (domestic helper) की दर्दभरी कहानी सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। सिंगापुर के डोमेस्टिक वर्कर्स के लिए बने एक फेसबुक ग्रुप में किसी अनजान शख्स ने अपनी दोस्त की हालत बयां करते हुए यह पोस्ट शेयर की है। पोस्ट में बताया गया है कि कैसे घर का मालिक उससे बहुत ज़्यादा काम करवाता है, लेकिन बदले में पेटभर खाना तक नहीं देता। पोस्ट के साथ उस खाने की तस्वीर भी शेयर की गई है जो सहायिका को दिया जाता है।

पोस्ट में लिखा है…

"सभी को नमस्कार, यह पोस्ट एक दोस्त के लिए है। वह बहुत मुश्किल में है। उसे यहां (सिंगापुर) आए 3 महीने हो गए हैं और उसे सलाह चाहिए कि क्या करना है। उसका काम सुबह 5 बजे से रात 9.30 बजे तक चलता है। दोपहर और रात के खाने के लिए, मालिक उसे सिर्फ वही खाना देता है जो इस तस्वीर में है। मालिक का कहना है कि अगर यह काफी नहीं है, तो वह अपने पैसे से खरीदकर खा सकती है।"

"टॉयलेट पेपर, साबुन, शैम्पू जैसी ज़रूरी चीज़ें भी उसे अपने पैसों से खरीदने के लिए कहा जाता है। क्या यह सब मालिक को नहीं देना चाहिए? उसे लगता है कि अब कोई रास्ता नहीं है क्योंकि यहां आने के पहले ही दिन उससे ज़बरदस्ती एक कॉन्ट्रैक्ट पर साइन करवा लिया गया था।"

"उस पर 6 महीने का लोन डिडक्शन भी है। उसने लोन की अवधि खत्म होने के बाद दूसरी जगह काम करने की बात की, लेकिन मालिक ने 'पता नहीं/नहीं हो सकता' कहकर बात टाल दी। मालिक इस बारे में बात करने को भी तैयार नहीं है।"

"एजेंट ने उसका पासपोर्ट सीधे मालिक को दे दिया था। अब पासपोर्ट उन्हीं के पास है। क्या यह कानूनी है? वह बहुत डरी हुई और मानसिक रूप से परेशान है।"

यह पोस्ट वायरल होते ही लोगों के कमेंट्स की बाढ़ आ गई। कई लोग यह देखकर हैरान थे कि एक इंसान को काम के बदले इतना कम और खराब खाना दिया जा रहा है। कुछ यूज़र्स ने लिखा कि इससे अच्छा खाना तो लोग अपने पालतू कुत्तों को देते हैं। कई लोगों ने कमेंट्स में उन संगठनों के बारे में भी जानकारी दी जो ऐसी स्थिति में मदद कर सकते हैं।