रामनगर को प्लास्टिक-मुक्त बनाने के लिए नगरसभा ने 'क्लॉथ बैग वेंडिंग मशीनें' लगाई हैं। यह ATM की तरह काम करती है, जिसमें ₹10 का सिक्का या UPI से पेमेंट कर कपड़े का थैला मिलता है। पहली मशीन APMC मार्केट में लगाई गई है।
रामनगर: शहर को प्लास्टिक से छुटकारा दिलाने के लिए रामनगर नगरसभा दिन-रात काम कर रही है। इसी कड़ी में अब एक नया और अनोखा एक्सपेरिमेंट शुरू किया गया है। नगरसभा ने शहर में कपड़े के थैले देने वाली मशीनें लगानी शुरू की हैं। ये मशीनें उन जगहों पर लगाई जा रही हैं, जहां लोगों की आवाजाही और खरीद-बिक्री ज्यादा होती है। इस मशीन का नाम 'एनी टाइम क्लॉथ बैग वेंडिंग मशीन' है। यह बिल्कुल किसी ATM मशीन की तरह काम करती है, जिससे आप पैसे निकालते हैं। फर्क बस इतना है कि इसमें 10 रुपए का सिक्का डालने पर पैसे नहीं, बल्कि कपड़े का एक थैला बाहर आता है।
APMC मार्केट में ट्रायल शुरू
पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पहली मशीन रामनगर के APMC मार्केट में लगाई गई है। नगरसभा अध्यक्ष के. शेशाद्री ने सोमवार को इसका उद्घाटन किया। अगर यह ट्रायल सफल रहा, तो नगरसभा शहर में 10 से 12 और जगहों पर ऐसी मशीनें लगाने पर विचार कर रही है। पर्यावरण को बचाने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें प्लास्टिक पर बैन को लेकर काफी सख्त हैं। स्थानीय नगर निगम और सभाएं दुकानों पर छापे भी मार रही हैं, लेकिन इसके बावजूद प्लास्टिक का इस्तेमाल पूरी तरह से बंद नहीं हो पा रहा है।
इसी के विकल्प के तौर पर, रामनगर नगरसभा के अध्यक्ष के. शेशाद्री और अधिकारियों ने लोगों में कपड़े के थैले इस्तेमाल करने की आदत डालने के लिए यह बड़ा कदम उठाया है। इसी के लिए यह अनोखी 'क्लॉथ बैग वेंडिंग मशीन' लगाई जा रही है।
यह मशीन कैसे काम करती है?
यह 'क्लॉथ बैग वेंडिंग मशीन' हुब्बल्ली की श्री इंडस्ट्रीज ने बनाई है। एक मशीन की कीमत 1.90 लाख रुपए है। इसी कंपनी ने बेंगलुरु ग्रामीण जिले के देवनहल्ली, हुब्बल्ली-धारवाड़, बेलगावी, कारवार और हावेरी जिले के सवनूर में भी ऐसी मशीनें लगाई हैं।
इस मशीन में UPI से पेमेंट करने की भी सुविधा है। 10 रुपए चुकाने पर आपको कपड़े का एक बैग मिल जाएगा। आप 2 रुपए के 5 सिक्के, 5 रुपए के 2 सिक्के या 10 रुपए का एक सिक्का डालकर भी बैग निकाल सकते हैं। यह बैग पर्यावरण के लिए अच्छा है और इसे बार-बार इस्तेमाल किया जा सकता है।
एक बार में मशीन में 100 थैले लोड किए जा सकते हैं। इस कपड़े के थैले में 10 किलो तक का सामान जैसे फल, सब्जी या राशन आसानी से आ सकता है। नगरसभा इन मशीनों के रखरखाव और थैले बनाने का काम महिला स्वयं-सहायता समूहों (Women's self-help groups) को देने पर भी विचार कर रही है।
