Rahul Gandhi Controversial Speech Lok Sabha: लोकसभा में राहुल गांधी ने महिला आरक्षण बिल पर सरकार को घेरा और इसे चुनावी चाल बताया। विवादित बयान के बाद सदन में हंगामा हुआ और स्पीकर ने उनके कुछ शब्द कार्यवाही से हटा दिए। मुद्दे पर बहस और तेज हो गई है।

लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़े बिलों पर चल रही चर्चा के बीच शुक्रवार को माहौल उस समय अचानक गरमा गया, जब कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उनका भाषण सिर्फ आलोचना तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कई ऐसे बयान भी आए जिन पर सदन में जोरदार विरोध देखने को मिला। यह बहस उस समय हो रही है जब महिला आरक्षण को लागू करने के लिए सीटों के परिसीमन से जुड़े तीन संशोधित बिलों पर चर्चा अपने अहम दौर में है और इन्हीं पर वोटिंग भी होनी है।

‘यह कानून महिलाओं को मजबूत नहीं, कमजोर बनाएगा’

राहुल गांधी ने अपने भाषण में साफ शब्दों में कहा कि मौजूदा महिला आरक्षण बिल महिलाओं को सशक्त नहीं करेगा, बल्कि उन्हें कमजोर बना सकता है। उन्होंने इसे “शर्मनाक कानून” बताते हुए कहा कि अगर पुराना कानून लाया जाए तो उनकी पार्टी उसका समर्थन करेगी। उनका आरोप था कि सरकार इस बिल के जरिए असल मुद्दों से ध्यान हटाकर एक अलग राजनीतिक एजेंडा आगे बढ़ा रही है।

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पीएम पर बिना नाम लिए हमला, सदन में हंगामा

अपने भाषण के दौरान राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री का नाम लिए बिना कुछ ऐसे शब्दों का इस्तेमाल किया, जिन्हें लेकर सत्ता पक्ष के सांसदों ने कड़ा विरोध जताया। उन्होंने ‘बालाकोट’, ‘नोटबंदी’ और ‘सिंदूर का जादूगर’ जैसे शब्दों का जिक्र करते हुए कहा कि “जादूगर पकड़ा गया है।” इस बयान के बाद एनडीए सांसदों ने आरोप लगाया कि यह प्रधानमंत्री का अपमान है। हंगामे के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को दखल देना पड़ा और उन्होंने राहुल गांधी के कुछ विवादित शब्दों को कार्यवाही से हटाने का निर्देश दिया।

‘चुनावी नक्शा बदलने की कोशिश हो रही है’

राहुल गांधी का सबसे बड़ा आरोप यह रहा कि महिला आरक्षण के नाम पर सरकार देश के चुनावी नक्शे को बदलने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार को यह अंदाजा है कि यह बिल अपने मौजूदा रूप में लागू नहीं हो पाएगा, इसलिए इसे एक राजनीतिक रणनीति के तौर पर इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष इस कोशिश को सफल नहीं होने देगा और पूरी ताकत से इसका विरोध करेगा।

OBC और दलितों के अधिकार का मुद्दा भी उठाया

अपने भाषण में राहुल गांधी ने सामाजिक न्याय का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने कहा कि यह बिल OBC और दलित वर्गों के लिए नुकसानदेह हो सकता है। उनका आरोप था कि सरकार इन वर्गों के अधिकारों को कमजोर करना चाहती है और महिला आरक्षण के नाम पर एक ऐसा ढांचा तैयार किया जा रहा है, जिसमें इन समुदायों की हिस्सेदारी कम हो सकती है। लोकसभा में इस मुद्दे पर चर्चा जारी है और इसी दिन इन बिलों पर वोटिंग भी होनी है। ऐसे में यह देखना अहम होगा कि सरकार इस पर क्या जवाब देती है और क्या विपक्ष अपनी आपत्तियों को प्रभावी तरीके से रख पाता है।

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