Digital OCI Application Process: गृह मंत्रालय ने नागरिकता नियम 2026 लागू कर दिए हैं, जिससे अब OCI कार्ड बनवाने और उसे छोड़ने की पूरी प्रक्रिया डिजिटल हो गई है। अब आवेदकों को फिजिकल कार्ड के साथ e-OCI की सुविधा मिलेगी और पुराने कागजी दस्तावेजों की डुप्लीकेट कॉपी जमा करने का झंझट खत्म हो जाएगा।
New OCI Card Rules 2026: अगर आप विदेशों में रह रहे भारतीय मूल के नागरिक हैं या आपके पास OCI (प्रवासी भारतीय नागरिक) कार्ड है, तो यह खबर आपके लिए बहुत जरूरी है। भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने नागरिकता नियम 2026 लागू कर दिया है। 17 साल बाद हुए इस बड़े बदलाव का सीधा असर आपकी नागरिकता, पासपोर्ट और यात्रा करने के तरीके पर पड़ेगा। आइए समझते हैं कि नई व्यवस्था में क्या-क्या बदल गया है और आपको अब किन बातों का ध्यान रखना होगा।
बच्चों के पासपोर्ट को लेकर सख्त हुआ नियम
नए नियमों में सबसे बड़ा बदलाव बच्चों के लिए है। अब कोई भी नाबालिग बच्चा एक साथ भारतीय पासपोर्ट और किसी दूसरे देश का पासपोर्ट नहीं रख सकता। पहले यह सिर्फ एक नियम की तरह था, लेकिन अब इसे कानून में स्पष्ट रूप से शामिल कर लिया गया है। यानी अब बच्चों के मामले में 'दोहरी नागरिकता' जैसा कोई विकल्प नहीं चलेगा।
e-OCI: अब फिजिकल कार्ड का झंझट खत्म
सरकार ने अब पूरी प्रक्रिया को डिजिटल कर दिया है। OCI कार्ड बनवाने या छोड़ने के लिए अब कागजों के ढेर नहीं लगाने होंगे, सब कुछ ऑनलाइन पोर्टल पर होगा। अब आपको फिजिकल कार्ड के साथ-साथ एक डिजिटल रजिस्ट्रेशन (e-OCI) भी मिलेगा, जिसे आप कहीं भी इस्तेमाल कर सकेंगे। इससे आपको पुराने नियमों की तरह दस्तावेजों की 'डुप्लीकेट कॉपी' जमा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
फास्ट ट्रैक इमिग्रेशन
अब भारत आना और भी आसान होगा। नए नियमों के तहत OCI आवेदकों को 'फास्ट ट्रैक इमिग्रेशन प्रोग्राम' के लिए अपनी सहमति देनी होगी। सरकार आपका बायोमेट्रिक डेटा (जैसे उंगलियों के निशान) इकट्ठा करेगी। इससे फायदा यह होगा कि एयरपोर्ट पर इमिग्रेशन की प्रक्रिया बहुत तेजी से पूरी हो जाएगी और आपको लंबी लाइनों में इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
अगर OCI छोड़ना हो या रद्द हो जाए, तो क्या होगा?
नियमों को सख्त करते हुए सरकार ने कहा है कि, अगर कोई अपनी मर्जी से OCI कार्ड छोड़ता है, तो उसे अपना कार्ड भारतीय दूतावास (Mission) या विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण अधिकारी (FRO) के पास जमा करना होगा। सरकार अब अपने डिजिटल रिकॉर्ड के जरिए सीधे e-OCI रद्द कर सकेगी, जिससे प्रक्रिया और भी तेज हो जाएगी।
आवेदन खारिज हुआ तो क्या करें?
अगर किसी वजह से आपका आवेदन रिजेक्ट हो जाता है, तो अब आपके पास अपील करने का बेहतर मौका है। आपके आवेदन की दोबारा जांच अब उस अधिकारी से बड़े पद का अधिकारी करेगा जिसने उसे रिजेक्ट किया था। आवेदक को अपनी बात रखने का पूरा मौका दिया जाएगा ताकि पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष रहे।
किसे नहीं मिल सकती यह सुविधा?
यह नियम उन लोगों के लिए है जो 26 जनवरी 1950 या उसके बाद भारत के नागरिक रहे हों। लेकिन ध्यान रहे कि अगर कोई पाकिस्तान या बांग्लादेश का नागरिक रहा है, तो वह इस योजना का फायदा नहीं उठा सकता। जिनके माता-पिता या दादा-दादी कभी इन दोनों देशों के नागरिक थे, वे भी इसके लिए पात्र नहीं हैं।


