बढ़ते तेल संकट के कारण पाकिस्तान ने खर्चों में भारी कटौती की है। सरकारी गाड़ियों के फ्यूल में 50% और अन्य खर्चों में 20% की कमी की गई है। मंत्रियों की सैलरी रोकी गई है और 50% कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम दिया गया है।

इस्लामाबाद: मिडिल ईस्ट में ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव ने पाकिस्तान की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जंग की वजह से दुनिया भर में तेल की सप्लाई पर भारी दबाव है, जिसका असर अब पाकिस्तान पर भी दिखने लगा है। इस संकट से निपटने के लिए पाकिस्तान सरकार ने खर्चों में कटौती और 'वर्क फ्रॉम होम' जैसे कई कड़े कदम उठाए हैं। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने देश के नाम अपने संबोधन में बताया कि ये फैसले फेडरल और प्रांतीय अधिकारियों के साथ बैठक के बाद लिए गए।

60 फीसदी सरकारी गाड़ियां सड़क पर नहीं उतरेंगी

तेल बचाने के लिए अगले दो महीनों तक सरकारी गाड़ियों के फ्यूल अलाउंस में 50% की कटौती की गई है। हालांकि, एम्बुलेंस और पब्लिक बसों को इससे छूट दी गई है। इस दौरान केंद्र और राज्यों के 60% सरकारी वाहन सड़कों पर नहीं उतरेंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, केंद्र और राज्यों के मंत्री अगले दो महीने तक सैलरी और दूसरे भत्ते नहीं लेंगे। सांसदों और विधायकों की सैलरी में भी 25% की कटौती की जाएगी।

सरकारी खर्चों में 20 फीसदी की कटौती

3 लाख रुपये से ज्यादा सैलरी पाने वाले ग्रेड-20 के अधिकारियों की दो दिन की सैलरी जनकल्याण के कामों में लगाई जाएगी। स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र के लोगों को इससे बाहर रखा गया है। एक और बड़े फैसले में, सरकार ने चौथी तिमाही के लिए कर्मचारियों की सैलरी को छोड़कर बाकी सभी सरकारी खर्चों में 20% की कटौती की है। इस साल जून तक सरकारी दफ्तरों के लिए नई गाड़ियां, फर्नीचर और एयर कंडीशनर खरीदने पर भी रोक लगा दी गई है।

विदेश यात्रा नहीं कर सकेंगे मंत्री और अधिकारी

मंत्रियों और अधिकारियों के विदेश दौरों पर भी सख्त पाबंदियां लगाई गई हैं। अब सिर्फ वही यात्राएं हो सकेंगी जो देशहित के लिए बेहद जरूरी हों। तेल बचाने के लिए सरकारी बैठकें अब टेली-कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए होंगी। साथ ही, सरकारी दावतों और इफ्तार पार्टियों पर भी रोक लगा दी गई है। जरूरी सेवाओं को छोड़कर, आधे कर्मचारियों को 'वर्क फ्रॉम होम' दे दिया गया है। सरकारी दफ्तर अब हफ्ते में सिर्फ चार दिन ही खुलेंगे, लेकिन यह नियम बैंकिंग सेक्टर पर लागू नहीं होगा। ऊंची पढ़ाई वाले संस्थानों में 16 मार्च से 31 मार्च तक क्लासें ऑनलाइन चलेंगी। वहीं, स्कूलों में 16 मार्च से दो हफ्तों की छुट्टी का ऐलान किया गया है।

प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने चेतावनी दी है कि तेल की जमाखोरी करने वालों और ज्यादा मुनाफा कमाने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। इस बीच, वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने बताया है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से पाकिस्तान का हर महीने का इंपोर्ट बिल 600 मिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है।