Ashok Choudhary Emotional Statement: नीतीश कुमार के इस्तीफे के फैसले के बाद बिहार में सियासी हलचल तेज हो गई है। जेडीयू मंत्री अशोक चौधरी भावुक हो गए और रोते हुए बड़ा बयान दिया। जानिए क्या है पूरा मामला और बिहार की राजनीति में आगे क्या बदलाव हो सकता है।
Ashok Choudhary Viral Video: बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एमएलसी पद से इस्तीफा देकर साफ संकेत दे दिया है कि अब वे नई भूमिका में नजर आएंगे। इसी बीच उनके बेहद करीबी नेता और मंत्री अशोक चौधरी का भावुक वीडियो और बयान चर्चा का केंद्र बन गया है।
एमएलसी से इस्तीफा, अब राज्यसभा की तैयारी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, नीतीश कुमार ने एमएलसी पद से इस्तीफा दे दिया है और जल्द ही राज्यसभा जाने की तैयारी में हैं। माना जा रहा है कि वे बहुत जल्द मुख्यमंत्री पद से भी इस्तीफा दे सकते हैं। इस फैसले ने बिहार की राजनीति में हलचल तेज कर दी है, क्योंकि लंबे समय से नीतीश कुमार राज्य की राजनीति का सबसे बड़ा चेहरा रहे हैं।
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अशोक चौधरी हुए भावुक, रोते हुए दिया बयान
सोमवार (30 मार्च 2026) को जेडीयू मंत्री अशोक चौधरी मीडिया के सामने भावुक हो गए। उन्होंने कहा: “नीतीश कुमार ने जो विकास की लकीर खींची है, उसे पार करना किसी के लिए आसान नहीं होगा।” उन्होंने आगे कहा कि “न नीतीश कुमार पैदा हुआ था, न आगे कोई पैदा होगा।” उनके इस बयान से साफ झलक रहा था कि पार्टी के अंदर भी इस फैसले को लेकर भावनात्मक माहौल है।
“उनकी तरह सोच वाला नेता मिलना मुश्किल”
अशोक चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि उन्होंने अपने विरोधियों को भी सम्मान दिया। उनके मुताबिक, आज की नई राजनीति में इस तरह की सोच वाले नेता मिलना मुश्किल है। यही वजह है कि उनका जाना एक बड़ी चुनौती छोड़कर जाएगा।
“उनके मार्गदर्शन में ही चलेगा बिहार”
नीतीश कुमार के बिना सरकार कैसे चलेगी, इस सवाल पर अशोक चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार जेडीयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने रहेंगे, उनका मार्गदर्शन बिहार को मिलता रहेगा और सरकार उनके अनुभव के आधार पर आगे बढ़ेगी यानी, भले ही वे पद छोड़ दें, लेकिन उनकी भूमिका खत्म नहीं होगी।
दलित नेता के तौर पर मिला खास सम्मान
अशोक चौधरी ने अपने निजी अनुभव साझा करते हुए कहा कि नीतीश कुमार ने उन्हें एक परिवार की तरह सम्मान दिया। उन्होंने बताया कि वे दलित परिवार से आते हैं, उन्हें बिना सदन का सदस्य हुए भी मंत्री बनाया गया, नई सरकार बनने पर फिर से जिम्मेदारी दी गई उन्होंने इसे अपने जीवन का सबसे बड़ा सम्मान बताया।
“राजनीति में पिता जैसा स्नेह दिया”
अशोक चौधरी ने कहा कि “राजनीति में जितना स्नेह एक पिता अपने बेटे को देता है, उतना नीतीश कुमार ने मुझे दिया।” यह बयान इस बात को दिखाता है कि उनका रिश्ता सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि भावनात्मक भी रहा है।
साजिश के सवाल पर क्या बोले मंत्री?
जब उनसे पूछा गया कि क्या यह कोई साजिश है, तो उन्होंने साफ कहा कि “नीतीश कुमार जो भी फैसला लेते हैं, वह उनका अपना राजनीतिक निर्णय होता है।” इस बयान से यह भी साफ हो गया कि पार्टी के अंदर किसी तरह की साजिश की बात को वे खारिज कर रहे हैं।
नीतीश कुमार का यह फैसला सिर्फ एक राजनीतिक बदलाव नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति के एक युग के बदलने का संकेत माना जा रहा है। जहां एक ओर उनके समर्थक भावुक हैं, वहीं दूसरी ओर अब यह देखना दिलचस्प होगा कि उनके बिना बिहार की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है।
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