नासिक की TCS से जुड़ी BPO यूनिट में यौन उत्पीड़न मामले में HR मैनेजर निदा खान को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि उसने शिकायतों को दबाया। अब SIT इस पूरे मामले की जांच कर रही है और 2022 से लंबित केसों की भी पड़ताल की जा रही है।

Who is Nida Khan: पुणे की एक ह्यूमन रिसोर्स (HR) मैनेजर निदा खान को नासिक में BPO यूनिट से जुड़े गंभीर आरोपों के मामले में गिरफ्तार किया गया है। यह यूनिट टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) से जुड़ी बताई जा रही है। आरोप है कि इस HR मैनेजर ने महिला कर्मचारियों के साथ हो रहे यौन उत्पीड़न और जबरदस्ती के मामलों को नजरअंदाज किया और संभव है कि उन्हें बढ़ावा भी दिया।

निदा खान की गिरफ्तारी और SIT जांच

रिपोर्ट के अनुसार, निदा खान, जिसे पहले फरार बताया जा रहा था, को शुक्रवार 10 अप्रैल को हिरासत में लिया गया। इसके बाद से वह नासिक पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की जांच का हिस्सा बन चुकी है। बताया जा रहा है कि निदा खान की उम्र लगभग 30 साल है और वह इसी BPO यूनिट में HR मैनेजर के पद पर काम कर रही थी।

POSH नियमों के पालन में लापरवाही के आरोप

HR मैनेजर के रूप में निदा खान की जिम्मेदारी कर्मचारियों की शिकायतें सुनना और POSH (यौन उत्पीड़न रोकथाम) नियमों का पालन सुनिश्चित कराना था। लेकिन जांच में सामने आया है कि उसने कई शिकायतों को न तो गंभीरता से लिया और न ही उन्हें सीनियर अधिकारियों तक पहुंचाया। यही वजह है कि उसके खिलाफ आरोप और भी गंभीर माने जा रहे हैं।

महिला कर्मचारियों के आरोप और FIR दर्ज

कई महिला कर्मचारियों ने नासिक पुलिस के मुंबई नाका और देवलाली कैंप पुलिस स्टेशनों में FIR दर्ज कराई है। उनका कहना है कि उन्होंने बार-बार शिकायत की, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। कुछ पीड़िताओं ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें चुप रहने या समझौता करने के लिए दबाव डाला गया। इससे कंपनी के अंदर जवाबदेही और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

पुणे-नासिक कनेक्शन और जांच का दायरा

निदा खान का संबंध पुणे से बताया जा रहा है, जहां पुलिस ने जांच के दौरान छापेमारी भी की। वहीं, वह काम नासिक में कर रही थी। पुलिस उसकी दोनों शहरों के बीच आवाजाही पर भी नजर रख रही थी, ताकि मामले के पूरे नेटवर्क को समझा जा सके।

सोशल मीडिया पर वायरल प्रोफाइल और दावे

जब यह मामला सामने आया, तो निदा खान का LinkedIn प्रोफाइल सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। उसमें उसने खुद को सावित्रीबाई फुले पुणे विश्वविद्यालय की पूर्व छात्रा बताया था और TCS से जुड़े होने का दावा किया था। सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे भी सामने आए हैं, जैसे उसे “लेडी डी” कहकर बुलाया जाता था, लेकिन इन दावों की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

गंभीर आरोप और जांच के नए पहलू

खान पर महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने, आपराधिक धमकी देने और कथित धार्मिक दबाव जैसे आरोप भी लगाए गए हैं। SIT अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या वह इस पूरे मामले में एक 'सहयोगी' के रूप में काम कर रही थी। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि 2022 से आ रही शिकायतों पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई। अधिकारी यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या यह मामला एक बड़े पैटर्न का हिस्सा है, जिसमें लंबे समय से उत्पीड़न हो रहा था।

क्या है पूरा मामला?

आरोप है कि टीसीएस के बीपीओ डिवीजन में हिंदू महिला कर्मचारियों को 2022 से ही यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा था। एचआर ने मुस्लिम अधिकारी के नीचे कई महिलाओं की नियुक्ति की थी और उन्हें सैलरी हाइक और प्रमोशन का लालच देकर जबर्दस्ती नमाज पढ़ने, रोजा रखने और इस्लाम अपनाने के लिए मजबूर किया जा रहा था। इस मामले में अब तक 9 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। पुलिस ने जांच के लिए एक स्पेशल टीम गठित की है। इस केस में अब तक एचआर मैनेजर निदा खान समेत 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।