Kanpur Silence Zone: कानपुर में अस्पतालों के आसपास 500 मीटर का साइलेंस जोन लागू, अब नो हॉर्न नियम तोड़ने पर 1000 रुपये का जुर्माना लगेगा। इस पहल का मकसद ध्वनि प्रदूषण कम करना और मरीजों को शांत वातावरण देना है।
शहर की भागदौड़ और ट्रैफिक के शोर के बीच अब Kanpur से एक राहत देने वाली खबर सामने आई है। मरीजों की सुविधा और ध्वनि प्रदूषण को कम करने के लिए शहर में पहला 500 मीटर का साइलेंस जोन लागू कर दिया गया है।
इस नए नियम के तहत अगर कोई भी वाहन चालक इस क्षेत्र में बेवजह हॉर्न बजाता है, तो उसे सीधे 1000 रुपये का जुर्माना देना होगा। प्रशासन का कहना है कि यह कदम खासतौर पर अस्पतालों में भर्ती मरीजों को शांति देने के लिए उठाया गया है।
कहां लागू हुआ है यह साइलेंस जोन?
यह साइलेंस जोन रावतपुर क्रॉसिंग से गोल चौराहे की ओर जाने वाले रास्ते पर बनाया गया है। खासतौर पर GT Nursing Home के आगे के 500 मीटर क्षेत्र को चिन्हित किया गया है। इस दायरे में Murarilal Chest Hospital और Cardiology Institute जैसे बड़े अस्पताल आते हैं, जहां गंभीर मरीजों का इलाज होता है।
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क्यों जरूरी था यह फैसला?
पुलिस कमिश्नर Raghubir Lal के मुताबिक, तेज हॉर्न की आवाज खासकर दिल और सांस से जुड़ी बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए खतरनाक हो सकती है। ऐसे में अस्पतालों के आसपास शांत माहौल बनाए रखना जरूरी है, ताकि मरीजों की रिकवरी पर अच्छा असर पड़े।
नियम तोड़ा तो तुरंत एक्शन
डीसीपी ट्रैफिक Ravindra Kumar Singh ने साफ कहा है कि इस जोन में ‘नो हॉर्न’ के बोर्ड लगाए गए हैं और नियम का पालन कराने के लिए पुलिस तैनात है। अगर कोई भी व्यक्ति यहां हॉर्न बजाते पकड़ा गया, तो मौके पर ही 1000 रुपये का चालान किया जाएगा।
अभी पायलट प्रोजेक्ट, आगे और जगह लागू हो सकता है
फिलहाल इस साइलेंस जोन को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया है। अगर इसका असर सकारात्मक रहा और लोगों ने सहयोग किया, तो इसे शहर के अन्य संवेदनशील इलाकों जैसे स्कूल और अन्य अस्पतालों के आसपास भी लागू किया जा सकता है। यातायात विभाग इसके लिए जागरूकता अभियान भी चलाने जा रहा है, ताकि लोग सिर्फ डर से नहीं बल्कि समझदारी से नियमों का पालन करें।
क्या बदलेगा इस फैसले से?
यह पहल सिर्फ जुर्माना लगाने तक सीमित नहीं है। इसका मकसद शहर में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करना और मरीजों को बेहतर माहौल देना है। अगर लोग इस नियम को गंभीरता से लेते हैं, तो आने वाले समय में शहर के कई हिस्सों में शांति और सुकून का माहौल बन सकता है, जो आज के समय में सबसे बड़ी जरूरत बन चुका है।
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