जापान में घटती जन्म दर से निपटने के लिए, कोच्चि प्रांत की सरकार एक अनोखी स्कीम लेकर आई है। इसके तहत 20 से 39 साल के सिंगल लोगों को डेटिंग ऐप्स इस्तेमाल करने के लिए 20,000 येन (करीब 12,000 रुपये) तक की मदद दी जाएगी, ताकि लोग मिलें और शादी करें।

जापान में बच्चे पैदा करने की घटती दर और लोगों में शादी न करने के चलन से निपटने के लिए सरकार ने एक गजब का तरीका निकाला है। जापान के कोच्चि प्रांत में अब सिंगल लोगों को डेटिंग ऐप्स इस्तेमाल करने के लिए 20,000 येन (यानी करीब 12,000 रुपये) तक दिए जाएंगे। यह सब्सिडी कोच्चि प्रांत में रहने वाले 20 से 39 साल के उन लोगों को मिलेगी, जो अकेले हैं।

सरकार ने एक आधिकारिक प्रेस रिलीज में कहा, "जो युवा पार्टनर ढूंढना और शादी करना चाहते हैं, उनकी मदद के लिए प्रांत ने 1 अप्रैल, 2026 से मैचिंग ऐप के इस्तेमाल पर लगने वाली फीस के लिए एक सब्सिडी प्रोग्राम शुरू किया है।"

इस स्कीम के तहत हर व्यक्ति को अधिकतम 20,000 येन की सब्सिडी मिलेगी। इस पैसे से यूजर्स 1 अप्रैल, 2026 से 10 मार्च, 2027 के बीच मैच-मेकिंग ऐप्स की एंट्री फीस, रजिस्ट्रेशन फीस, मंथली फीस और दूसरे खर्चों का भुगतान कर सकेंगे। इतना ही नहीं, जब तक सब्सिडी की अधिकतम सीमा पूरी नहीं हो जाती, तब तक यूजर्स जितनी चाहें उतनी एप्लिकेशन के लिए अप्लाई कर सकते हैं। लोगों को सीधे पैसे देने के अलावा, कोच्चि की स्थानीय सरकार उन ग्रुप्स को भी मदद दे रही है जो मैचिंग इवेंट्स कराते हैं, ताकि सिंगल लोगों को मिलने-जुलने, डेट करने और शादी करने के ज्यादा मौके मिलें।

सरकार ने 24 मार्च को जारी एक रिलीज में कहा, "घटती जन्म दर को रोकने के उपायों के तहत, कोच्चि प्रांत 'कोच्चि प्रीफेक्चर अपॉर्चुनिटी फॉर मीटिंग सपोर्ट प्रोजेक्ट ग्रांट' के तहत उन संगठनों को सब्सिडी देता है जो लोगों को मिलने का मौका देने वाले इवेंट्स आयोजित करते हैं।" इस प्रोग्राम के तहत किसी एक संगठन को अधिकतम 1,00,000 येन (करीब 58,795 रुपये) की सब्सिडी मिल सकती है।

जापान में जन्म दर में गिरावट

स्वास्थ्य मंत्रालय के फरवरी में जारी आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में जापान में जन्म दर रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गई। इस साल सिर्फ 7,05,809 बच्चों का जन्म हुआ, जो लगातार दसवें साल की रिकॉर्ड गिरावट है। यह आंकड़ा, जिसमें विदेशी निवासियों के यहां जन्मे बच्चे भी शामिल हैं, 1899 में रिकॉर्ड शुरू होने के बाद से सबसे कम है। 2024 के मुकाबले इसमें 2.1 फीसदी की गिरावट आई है।

जन्म दर में लगातार आ रही इस गिरावट की वजह जापान की बढ़ती बूढ़ी आबादी और लिविंग कॉस्ट का बढ़ना बताया जा रहा है। महंगाई के कारण परिवारों पर आर्थिक बोझ भी बढ़ा है। हालांकि इस साल कुल संख्या में एक बार फिर कमी आई, लेकिन गिरावट की दर पिछले साल की तुलना में थोड़ी कम थी।