Jabalpur Bargi Dam Cruise Accident : जबलपुर क्रूज हादसे से जोड़कर वायरल हो रही माँ-बच्चे की तस्वीर AI-जनित और नकली है। हालांकि, यह सच है कि असली हादसे में 9 लोगों की मौत हुई थी, जिसमें एक माँ और बच्चा भी शामिल थे।
सोशल मीडिया पर एक मां और बच्चे की दिल दहला देने वाली तस्वीर खूब वायरल हो रही है। दावा किया जा रहा है कि यह फोटो मध्य प्रदेश के जबलपुर में हुए क्रूज हादसे की है, जिसमें एक मां अपने बच्चे को गले लगाए हुए मर गई। यह तस्वीर ऐसी है कि किसी का भी दिल पसीज जाए और आंखों में आंसू आ जाएं। कहा जा रहा है कि मां ने अपने बच्चे को बचाने के लिए आखिरी दम तक कोशिश की, उसे कसकर गले लगाए रखा, लेकिन दोनों ही नहीं बच पाए। हालांकि, फैक्ट-चेक टीम ने खुलासा किया है कि यह तस्वीर असली नहीं, बल्कि AI से बनाई गई है।
बार्गी डैम पर 9 लोगों की जान लेने वाला असली हादसा
यह सच है कि हाल ही में मध्य प्रदेश के जबलपुर में बार्गी डैम पर एक क्रूज डूबने से 9 लोगों की मौत हो गई। इस दर्दनाक हादसे में वाकई एक मां और उसके बच्चे की एक साथ मौत हुई। जब नाव में सफर कर रहे थे, तो बच्चा मां की गोद में था। क्रूज डूबने पर दोनों की एक साथ जान चली गई। यह दिल तोड़ने वाली घटना सच में हुई है। लेकिन इसी घटना को और सनसनीखेज बनाने के लिए इस AI फोटो का इस्तेमाल करके इसे वायरल किया जा रहा है। इसका मतलब यह नहीं है कि हादसा नहीं हुआ, बल्कि असली हादसे को दिखाने के लिए एक नकली तस्वीर का सहारा लिया जा रहा है।
कैसे हुआ था जबलपर बरगी डैम हादसा?
घटना के बारे में मिली जानकारी के मुताबिक, शाम करीब 6 बजे तेज हवाएं चलने लगीं। उस इलाके में पहले से ही येलो अलर्ट जारी किया गया था, इसके बावजूद क्रूज में यात्रियों को बैठाया गया था। एक वीडियो भी वायरल हुआ है जिसमें हादसे से ठीक पहले लोग क्रूज पर गाना गाते और मस्ती करते दिख रहे हैं। चश्मदीदों ने बताया कि जैसे ही तेज हवाएं चलीं, यात्रियों ने घबराकर क्रूज स्टाफ से किनारे लौटने को कहा। लेकिन नाव किनारे से काफी दूर थी, इसलिए वापस लौटना मुमकिन नहीं हो पाया।
जबलपुर के क्रूज पर क्या हुआ था उस दिन?
बताया जा रहा है कि नाव पर करीब 30 यात्री और सिर्फ दो क्रू मेंबर थे। जैसे ही नाव डूबी, स्थानीय लोगों ने रस्सियों की मदद से कुछ यात्रियों को बचाया, जिन्होंने लाइफ जैकेट पहनी हुई थी। लेकिन कई लोग पानी में डूब गए। कहा जा रहा है कि अगर सभी यात्रियों को लाइफ जैकेट दी गई होती तो इतनी बड़ी त्रासदी नहीं होती। आरोप है कि खराब मौसम के बावजूद नाव को पानी में उतारा गया। यात्रियों ने जब सुरक्षित जगह ले जाने की गुहार लगाई, तो स्टाफ ने उनकी बात नहीं सुनी। कुछ ही मिनटों में यह भयानक हादसा हो गया। नाव पर सुरक्षा के कोई खास इंतजाम नहीं थे।


