SACHET Alert System C-DOT India: देशभर में अचानक मोबाइल फोन पर तेज सायरन और इमरजेंसी अलर्ट मैसेज ने रहस्य और हलचल पैदा कर दी। NDMA के SACHET सिस्टम की टेस्टिंग में करोड़ों फोन एक साथ गूंज उठे। सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक से आए इस रियल-टाइम अलर्ट ने आपदा चेतावनी सिस्टम की क्षमता और भविष्य की सुरक्षा रणनीति पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया।
NDMA Emergency Alert System India: शनिवार सुबह देशभर में उस वक्त हलचल मच गई जब लाखों-करोड़ों मोबाइल फोन एक साथ सायरन जैसी तेज़ आवाज़ से गूंज उठे। स्क्रीन पर हिंदी और अंग्रेजी में फ्लैश मैसेज दिखाई दिया, जिससे कई लोग घबरा गए तो कई भ्रमित हो गए। कुछ ही सेकंड में फोन पर मैसेज पढ़ा भी गया और ऑडियो के रूप में सुनाया भी गया। हालांकि कुछ ही देर बाद स्थिति स्पष्ट हुई कि यह किसी आपदा का संकेत नहीं बल्कि एक सरकारी टेस्ट अलर्ट सिस्टम का हिस्सा था।
क्या यह असली खतरा था या सिर्फ ट्रायल? सस्पेंस हुआ साफ
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) ने तुरंत स्पष्ट किया कि यह एक इमरजेंसी मोबाइल अलर्ट सिस्टम की टेस्टिंग थी। इसका उद्देश्य देशभर में आपदा की स्थिति में नागरिकों तक तुरंत सूचना पहुंचाने की क्षमता का परीक्षण करना था। सरकार ने पहले ही नागरिकों को सूचित किया था कि इस तरह का मैसेज आने पर घबराने की जरूरत नहीं है। यह पूरी तरह एक नियंत्रित तकनीकी अभ्यास था।
फोन पर कैसे आया अलर्ट? तीन बीप और फिर संदेश की गूंज
मोबाइल उपयोगकर्ताओं ने बताया कि उनके फोन पर:
- तीन बार तेज़ बीप की आवाज आई
- स्क्रीन पर फ्लैश मैसेज दिखा
- संदेश हिंदी, अंग्रेजी और क्षेत्रीय भाषाओं में था
- मैसेज के बाद ऑडियो में भी सूचना पढ़कर सुनाई गई
यह मैसेज फोन के इनबॉक्स में सेव नहीं हुआ, बल्कि तुरंत गायब होने वाला “फ्लैश अलर्ट” था।
SACHET सिस्टम: भारत की नई डिजिटल सुरक्षा ढाल
यह पूरा सिस्टम भारत में विकसित C-DOT (सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमेटिक्स) के SACHET प्लेटफॉर्म पर आधारित है। यह तकनीक कॉमन अलर्टिंग प्रोटोकॉल (CAP) पर काम करती है और देश के सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में सक्रिय है। NDMA ने इसे मोबाइल नेटवर्क की सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक से जोड़ा है, जिससे किसी भी क्षेत्र के सभी फोन पर एक साथ अलर्ट भेजा जा सकता है।
बिना इंटरनेट भी काम करने वाला सिस्टम, 134 अरब अलर्ट का रिकॉर्ड
यह तकनीक बिना इंटरनेट के भी काम करती है और आपदा की स्थिति में तुरंत चेतावनी भेज सकती है। अब तक इस सिस्टम के जरिए:
- 19 से अधिक भारतीय भाषाओं में अलर्ट भेजे गए हैं।
- 134 अरब से अधिक संदेश प्रसारित किए जा चुके हैं।
- चक्रवात, बाढ़ और मौसम अलर्ट में इसका उपयोग हो चुका है।
क्या आने वाले समय में बदल जाएगी आपदा चेतावनी प्रणाली?
सरकार का दावा है कि यह तकनीक भविष्य में भूकंप, बाढ़, चक्रवात और राष्ट्रीय आपात स्थितियों में लोगों को सेकंडों में सचेत करने में सक्षम होगी। हालांकि शनिवार की टेस्टिंग ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया कि क्या देश ऐसे हाई-टेक अलर्ट सिस्टम के लिए पूरी तरह तैयार है। फिलहाल NDMA ने साफ कर दिया है-यह सिर्फ एक परीक्षण था, खतरे की कोई वास्तविक स्थिति नहीं थी।


