West Bengal Falta Election Controversy: पश्चिम बंगाल के फाल्टा में IPS अधिकारी अजय पाल शर्मा और TMC नेता जहांगीर खान के बीच ‘Singham vs Pushpa’ बयान से सियासी घमासान तेज हो गया। विरोध प्रदर्शन, पुलिस शिकायत और चुनावी तनाव ने माहौल गरमा दिया।

पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना जिले के फाल्टा इलाके में चुनावी माहौल उस समय अचानक गर्मा गया, जब एक आईपीएस अधिकारी की चेतावनी ने राजनीतिक विवाद का रूप ले लिया। चुनाव आयोग के पुलिस ऑब्जर्वर के तौर पर तैनात यूपी कैडर के आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा और तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रत्याशी जहांगीर खान के बीच तीखी जुबानी जंग ने अब पूरे मामले को राज्य की बड़ी राजनीतिक बहस में बदल दिया है। जहां एक ओर अधिकारी ने कथित तौर पर मतदाताओं को धमकाने और वोटर आईडी कार्ड जमा कराने की शिकायतों पर सख्त चेतावनी दी, वहीं TMC नेता ने पलटवार करते हुए कहा-“यह बंगाल है, अगर वो ‘Singham’ हैं, तो मैं ‘Pushpa’ हूं।”

क्या है पूरा मामला?

अधिकारियों के अनुसार, उत्तर प्रदेश कैडर के 2011 बैच के आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा को चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल में स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए पुलिस ऑब्जर्वर के रूप में तैनात किया है। फाल्टा क्षेत्र से शिकायतें मिली थीं कि TMC उम्मीदवार जहांगीर खान के करीबी लोग मतदाताओं के वोटर आईडी कार्ड इकट्ठा कर रहे हैं और वोटरों पर दबाव बना रहे हैं। इन शिकायतों के बाद अजय पाल शर्मा सोमवार को फाल्टा पहुंचे और जहांगीर खान के आवास पर जाकर उनके परिजनों से बात की। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शर्मा ने साफ शब्दों में कहा- “उसे समझा दीजिए। अगर लोगों को धमकाने की शिकायतें मिलती रहीं, तो हम सख्त कार्रवाई करेंगे। अगर कोई गलत काम करेगा या मतदाताओं को परेशान करेगा, तो उसे बख्शा नहीं जाएगा।”

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‘Singham’ बनाम ‘Pushpa’ बयान से बढ़ा विवाद

कठोर छवि के कारण अक्सर ‘Singham’ कहे जाने वाले अजय पाल शर्मा की इस चेतावनी पर TMC प्रत्याशी जहांगीर खान ने तीखा जवाब दिया। उन्होंने कहा- “यह बंगाल है। अगर वह ‘Singham’ हैं, तो मैं ‘Pushpa’ हूं। भाजपा द्वारा फाल्टा में तैनात यूपी पुलिस अधिकारियों की किसी भी तरह की दबाव की राजनीति बर्दाश्त नहीं की जाएगी।” जहांगीर खान ने आरोप लगाया कि पुलिस बल के साथ पहुंचकर उन्हें और उनके समर्थकों को डराने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा- “क्या यही एक पुलिस ऑब्जर्वर का काम है? अगर उन्हें कुछ कहना है तो एसपी या आईसी से कहें। चुनाव आयोग के किसी नियम में नहीं लिखा कि कोई ऑब्जर्वर घर जाकर परिवार को धमकाए।”

फाल्टा में TMC समर्थकों का प्रदर्शन

इस बयानबाजी के बाद फाल्टा में राजनीतिक तनाव और बढ़ गया। जहांगीर खान के पार्टी कार्यालय के बाहर TMC समर्थक बड़ी संख्या में जुट गए और ‘जय बांग्ला’ के नारे लगाने लगे। जब अजय पाल शर्मा का काफिला CRPF वाहनों के साथ वहां से गुजरा, तो प्रदर्शनकारी समर्थकों ने विरोध जताया। इलाके में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण स्थिति बन गई और चुनावी माहौल और अधिक संवेदनशील हो गया। TMC कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि मतदान से पहले पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को डराने की कोशिश की जा रही है।

नया मोड़: पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज

विवाद उस समय और गहरा गया जब फाल्टा थाने में एक महिला ने अजय पाल शर्मा और केंद्रीय बलों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। महिला ने आरोप लगाया कि रात के समय सुरक्षाबल घरों में घुसे और महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार किया। शिकायत में यह भी कहा गया कि कुछ महिलाओं के साथ मारपीट की गई। हालांकि, इस शिकायत पर अब तक अधिकारियों की ओर से कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन इस आरोप ने पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया है।

TMC नेताओं ने उठाए सवाल

पश्चिम बंगाल सरकार की मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने इस मामले पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा-“मीडिया ने उन्हें ‘एनकाउंटर स्पेशलिस्ट’ का नाम दिया है। हम जानना चाहते हैं कि ऐसे अधिकारी यहां क्या कर रहे हैं? क्या कोई अधिकारी रात में किसी के घर जाकर धमकी दे सकता है?” उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई शांति भंग करने वाली प्रतीत होती है। मंत्री अरूप विश्वास ने भी कहा- “ऑब्जर्वर से निष्पक्ष रहने की अपेक्षा होती है। अगर कोई संवैधानिक सीमाओं से बाहर जाकर किसी खास पार्टी को निशाना बनाता है, तो उसे कानूनी चुनौती दी जाएगी।”

महुआ मोइत्रा ने भी साधा निशाना

यह मामला सोशल मीडिया तक पहुंच गया, जब TMC सांसद Mahua Moitra ने एक्स (पूर्व ट्विटर) पर अजय पाल शर्मा का एक वीडियो साझा करते हुए तंज कसा। उन्होंने लिखा- “आपको आनंद लेते देख अच्छा लगा… उम्मीद है आपकी पुलिसिंग स्किल्स आपकी डांसिंग स्किल्स से बेहतर होंगी।” इस पोस्ट के बाद यह विवाद और अधिक चर्चा में आ गया।

फाल्टा क्यों बना हाई-वोल्टेज चुनावी क्षेत्र?

फाल्टा, डायमंड हार्बर लोकसभा सीट का हिस्सा है, जिसका प्रतिनिधित्व अभिषेक बनर्जी करते हैं। चुनाव प्रचार के अंतिम चरण में यह इलाका अब हाई-प्रोफाइल राजनीतिक रणभूमि बन चुका है। चुनाव आयोग ने स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए 95 ऑब्जर्वर तैनात किए हैं। ऐसे में अधिकारियों की भूमिका, राजनीतिक दलों के आरोप-प्रत्यारोप और स्थानीय तनाव ने इस सीट को राज्य की सबसे चर्चित चुनावी लड़ाइयों में शामिल कर दिया है।

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