हरियाणा के मंत्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि सरकार किसान कल्याण पर केंद्रित है। MSP पर 24 फसलों की खरीद, सस्ती ऋण सुविधा और विविध कृषि गतिविधियों को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

चंडीगढ़। हरियाणा के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री कृष्ण कुमार बेदी ने कहा कि राज्य सरकार की नीतियों और योजनाओं का मुख्य उद्देश्य किसान कल्याण है। उन्होंने बताया कि हरियाणा एक कृषि प्रधान राज्य है और किसानों की समृद्धि के बिना प्रदेश का विकास संभव नहीं है। इसी सोच के साथ केंद्र और राज्य सरकार मिलकर कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने के लिए लगातार ठोस और दूरदर्शी कदम उठा रही हैं। इन प्रयासों का फायदा किसानों के साथ-साथ खेत मजदूरों को भी मिल रहा है।

नरवाना दौरे में मंत्री ने सुनी जनता की समस्याएं, कृषि विस्तार पर जोर

कैबिनेट मंत्री श्री कृष्ण कुमार बेदी वीरवार को नरवाना में क्षेत्रवासियों की समस्याएं सुन रहे थे। इस दौरान उन्होंने कहा कि पहले सरकारी योजनाएं मुख्य रूप से पारंपरिक फसलों तक सीमित रहती थीं, लेकिन अब सरकार ने कृषि के दायरे को काफी व्यापक बना दिया है।

अब खेती को केवल गेहूं और धान तक सीमित नहीं रखा गया है। फल, फूल, सब्जियां, मत्स्य पालन, पटसन, काजू और गरम मसालों जैसी उच्च मूल्य वाली फसलों और गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इससे किसानों की आय के नए स्रोत बने हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिली है।

किसानों को सस्ता ऋण और कृषि संसाधनों की आसान उपलब्धता

मंत्री बेदी ने बताया कि इन नई फसलों की खेती करने वाले किसानों को सरकार की ओर से सस्ती दरों पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है। किसानों को खाद, बीज, कीटनाशक और अन्य कृषि सामग्री खरीदने के लिए केवाईसी आधारित आसान ऋण सुविधा दी जा रही है। इस ऋण का भुगतान किसान अपनी फसल बेचने के बाद कर सकते हैं, जिससे उन पर आर्थिक दबाव कम होता है और वे बिना चिंता के खेती कर पाते हैं। सरकार का उद्देश्य किसानों को साहूकारों के चंगुल से मुक्त कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

एमएसपी पर 24 फसलों की खरीद, 48 घंटे में भुगतान

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि किसानों की आय सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने ऐतिहासिक फैसला लेते हुए 24 फसलों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदने का निर्णय लिया है। इससे किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल रहा है और बाजार में शोषण की संभावना कम हुई है।

उन्होंने बताया कि फसल बेचने के 48 घंटे के भीतर भुगतान राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा कर दी जाती है। इससे पारदर्शिता बनी रहती है और किसानों का सरकार पर भरोसा मजबूत हुआ है। इस अवसर पर कई गणमान्य व्यक्ति, अधिकारी और कर्मचारी भी मौजूद रहे।