पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले BJP नेता दिलीप घोष ने 'बदलाव की लहर' का दावा किया है। उन्होंने खराब कानून-व्यवस्था, पलायन और घुसपैठ को इसका कारण बताया। घोष ने TMC पर डरा-धमकाकर चुनाव जीतने का भी आरोप लगाया।

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में अब सिर्फ दो हफ्ते बचे हैं। ऐसे में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के उम्मीदवार दिलीप घोष ने बुधवार को पश्चिम बंगाल की खड़गपुर सदर विधानसभा सीट पर जमकर प्रचार किया और लोगों से मिले। घोष ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में 'बदलाव की लहर' चल रही है। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था की खराब हालत, काम के लिए लोगों के पलायन और मुर्शिदाबाद में बांग्लादेशी घुसपैठियों की कथित देश-विरोधी गतिविधियों की वजह से वोटर बीजेपी का समर्थन कर रहे हैं।

घोष ने BJP के लिए 'बदलाव की लहर' का किया दावा

ANI से बात करते हुए घोष ने कहा, "लोग बीजेपी के साथ हैं क्योंकि उन्हें समझ आ गया है कि अगर बीजेपी सत्ता में नहीं आई, तो उन्हें काम के लिए यहां से पलायन करना पड़ेगा। यहां कोई कानून-व्यवस्था नहीं है। इस बार, बंगाल में बदलाव की लहर है।"

मुर्शिदाबाद में देश-विरोधी गतिविधियों का आरोप

उन्होंने मुर्शिदाबाद को लेकर कहा, "मुर्शिदाबाद जिला पश्चिम बंगाल में एक काला धब्बा रहा है। सबसे ज्यादा फर्जी आधार और वोटर कार्ड मुर्शिदाबाद में ही मिलते हैं। बांग्लादेशी घुसपैठियों की वजह से वहां बार-बार देश-विरोधी गतिविधियां होती हैं। मुर्शिदाबाद से हिंदू मालदा की ओर पलायन कर रहे हैं। इन घुसपैठियों को देश से बाहर निकाल देना चाहिए।"

पश्चिम बंगाल चुनाव का गणित

आपको बता दें कि पश्चिम बंगाल की 294 सीटों वाली विधानसभा के लिए 23 अप्रैल और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होगा, जबकि वोटों की गिनती 4 मई को होनी है। 2021 में हुए पिछले विधानसभा चुनाव में, जो आठ चरणों में हुआ था, TMC ने 213 सीटें जीतकर शानदार जीत दर्ज की थी। वहीं, BJP 77 सीटों पर पहुंच गई थी। पिछले राज्य चुनावों में कांग्रेस और लेफ्ट फ्रंट का खाता भी नहीं खुला था।

BJP का आरोप- डरा-धमकाकर जीतती है TMC

इससे एक दिन पहले, घोष ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर निशाना साधा था। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी डरा-धमकाकर और विपक्षी ताकतों को रोककर चुनाव जीतती है। साथ ही उन्होंने भरोसा जताया कि आने वाले विधानसभा चुनाव में वोटर टीएमसी को पूरी तरह से खारिज कर देंगे।

घोष ने पत्रकारों से बात करते हुए दावा किया कि जैसे-जैसे मतदान नजदीक आएगा, टीएमसी का प्रभाव तेजी से खत्म हो जाएगा। उन्होंने कहा, "टीएमसी हमेशा लोगों को धमकाकर और विपक्ष को रोककर चुनाव जीतती है। वे उसी तरह आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन देखिएगा, एक हफ्ते बाद टीएमसी धीरे-धीरे बाजार से गायब हो जाएगी। वे सड़कों पर नहीं दिखेंगे। एक भी गुंडा बाहर नहीं रहेगा। सभी नेता अपने-अपने घर देखेंगे।"

वोटर लिस्ट पर TMC और चुनाव आयोग में खींचतान

चुनावों के मद्देनजर राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के हमलों के बीच, पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर टीएमसी और चुनाव आयोग (ECI) के बीच कई बार टकराव और खींचतान देखने को मिली है। टीएमसी ने चुनाव आयोग पर विपक्षी पार्टी भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के इशारे पर काम करने और वोटर लिस्ट से मतदाताओं के नाम हटाने का आरोप लगाया है। (ANI)

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