Dracula Gang Deoria: उत्तर प्रदेश के देवरिया में कथित “ड्रैकुला गैंग” का मामला सामने आया है. आरोप है कि गैंग मासूम बच्चों को डराकर ब्लड बैंक ले जाता है और उनका खून निकलवाता है. कई घटनाओं के बाद परिजनों ने पुलिस से शिकायत की है, जिसके बाद जांच शुरू कर दी गई है.
कहानियों और फिल्मों में आपने ड्रैकुला का नाम जरूर सुना होगा- ऐसा किरदार जो लोगों का खून पी जाता है. लेकिन उत्तर प्रदेश के देवरिया से जो खबर सामने आई है, उसने लोगों को सच में डरा दिया है. यहां एक कथित “ड्रैकुला गैंग” की चर्चा पूरे इलाके में हो रही है. आरोप है कि यह गैंग छोटे बच्चों को डराकर उनका खून निकलवा रहा है.
मामला सामने आने के बाद इलाके में डर का माहौल है. कई परिवारों का कहना है कि अब वे अपने बच्चों को अकेले बाहर भेजने से भी डरने लगे हैं.
बच्चों से दोस्ती, फिर धमकी… ऐसे जाल में फंसाता है गैंग
स्थानीय लोगों के मुताबिक गैंग के सदस्य पहले मासूम बच्चों से दोस्ती करते हैं. इसके बाद उन्हें बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाते हैं. आरोप है कि जब बच्चे उनकी बात नहीं मानते, तो उन्हें डराया-धमकाया जाता है. बताया जा रहा है कि बच्चों को ब्लड बैंक ले जाकर उनका खून निकलवाया जाता है. इतना ही नहीं, कुछ मामलों में बच्चों से पैसे मांगने और अवैध वसूली करने के आरोप भी सामने आए हैं. लोगों का कहना है कि इलाके में इस तरह की एक-दो नहीं बल्कि दर्जन भर से ज्यादा घटनाएं हो चुकी हैं.
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इस इलाके में सबसे ज्यादा शिकायतें
यह पूरा मामला देवरिया के सदर कोतवाली थाना क्षेत्र के सोनूघाट इलाके से जुड़ा बताया जा रहा है. यहां स्थित एक ब्लड बैंक को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं. बताया गया है कि कई घटनाएं उमा नगर कॉलोनी के आसपास हुई हैं. स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से इस इलाके में बच्चों को डराने-धमकाने की घटनाएं बढ़ गई हैं. इसी वजह से लोग इस गैंग को “ड्रैकुला गैंग” कहने लगे हैं.
पिस्टल दिखाकर बच्चों को डराने का आरोप
परिजनों के मुताबिक गैंग के सदस्य बच्चों से पहले पैसे मांगते हैं. जब कोई बच्चा पैसे नहीं दे पाता, तो उसे डराने के लिए उसकी कनपटी पर पिस्टल तक रख दी जाती है. इसके बाद बच्चों पर दबाव बनाकर उन्हें ब्लड बैंक ले जाया जाता है और उनका खून निकलवाया जाता है. कुछ लोगों ने सोनूघाट स्थित देवरिया चैरिटेबल ब्लड बैंक एंड कंपोनेंट सेंटर पर भी मिलीभगत का आरोप लगाया है. हालांकि इन आरोपों की अभी जांच चल रही है.
बच्चों की बात सुनकर हरकत में आई पुलिस
पीड़ित बच्चों ने सबसे पहले यह बात अपने परिवार वालों को बताई. इसके बाद परिजन सीधे पुलिस अधिकारियों से मिलने पहुंचे और पूरी घटना की शिकायत दी. मामले की जानकारी मिलने पर देवरिया के पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन ने इसे गंभीरता से लिया और तुरंत जांच के आदेश दिए. बताया जा रहा है कि आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की एक टीम भी बनाई गई है. पुलिस का कहना है कि अभी पूरे मामले की जांच की जा रही है. शुरुआती जानकारी के मुताबिक इस गैंग में शामिल कई सदस्य खुद भी नाबालिग बताए जा रहे हैं.
जांच के बाद ही साफ होगी पूरी सच्चाई
फिलहाल यह मामला इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है. लोग बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं और जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है. जांच पूरी होने के बाद ही यह साफ हो पाएगा कि इन घटनाओं के पीछे कौन लोग हैं और पूरे मामले की असली सच्चाई क्या है.
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