ISI SPY Network India: दिल्ली पुलिस ने ISI के लिए जासूसी करने वाले 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये लोग फौजी ठिकानों के पास CCTV लगाकर सेना की गतिविधियों की जानकारी पाकिस्तान भेज रहे थे। देशभर में फैले इस नेटवर्क का बड़ा खुलासा हुआ है।
अगर आपके आसपास लगे CCTV कैमरे सिर्फ सुरक्षा के लिए हों, तो ठीक है। लेकिन सोचिए, अगर वही कैमरे देश के फौजी ठिकानों की हर गतिविधि रिकॉर्ड कर दुश्मन देश तक पहुंचा रहे हों, तो मामला कितना गंभीर हो सकता है। दिल्ली पुलिस ने ऐसे ही एक बड़े जासूसी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जिसमें 11 युवकों को गिरफ्तार किया गया है। ये सभी पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के लिए काम कर रहे थे।
फौजी ठिकानों के पास लगाए गए थे CCTV कैमरे
जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने देश के कई संवेदनशील इलाकों में CCTV कैमरे लगाए थे। इनका मकसद सेना की गतिविधियों पर नजर रखना और वीडियो रिकॉर्डिंग को पाकिस्तान भेजना था। ये कैमरे जिन जगहों पर मिले, उनमें शामिल हैं:
- कपूरथला
- जालंधर
- पठानकोट
- पटियाला
- मोगा
- अंबाला
- कठुआ
- बीकानेर
- अलवर
इन सभी जगहों के आसपास फौजी ठिकाने मौजूद हैं, जिससे इस साजिश की गंभीरता और बढ़ जाती है।
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ऐसे खुला पूरा नेटवर्क
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल को पहले कुछ संदिग्ध CCTV कैमरों की जानकारी मिली थी। जब इन कैमरों को लगाने वालों की जांच शुरू हुई, तो धीरे-धीरे पूरा नेटवर्क सामने आ गया। जांच में पता चला कि देशभर में कम से कम 9 जगहों पर इस तरह की निगरानी की जा रही थी। इससे पहले गाजियाबाद में भी ऐसा ही मामला सामने आया था, जिसने पुलिस को सतर्क कर दिया था।
11 आरोपी गिरफ्तार, हथियार भी बरामद
इस ऑपरेशन में पुलिस ने पंजाब और दिल्ली से कुल 11 युवकों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से बंदूक समेत कई हथियार भी बरामद हुए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क के पीछे और कौन लोग हैं और इनका कनेक्शन कितनी दूर तक फैला हुआ है।
कैसे काम करता था ये जासूसी नेटवर्क?
प्रारंभिक जांच के अनुसार:
- आरोपी फौजी इलाकों के आसपास CCTV लगाते थे
- इन कैमरों से वीडियो रिकॉर्डिंग होती थी
- फिर यह डेटा विदेश भेजा जाता था
- इसके बदले उन्हें पैसे या अन्य फायदे मिलते थे
यह पूरा नेटवर्क बेहद सुनियोजित तरीके से काम कर रहा था।
देश की सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
इस खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं। फौजी इलाकों के आसपास लगे सभी संदिग्ध उपकरणों की जांच की जा रही है। जानकारों का मानना है कि यह मामला देश की सुरक्षा से जुड़ा है, इसलिए इसमें आगे और बड़े खुलासे हो सकते हैं। दिल्ली पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बड़े खतरे को समय रहते रोक दिया है। लेकिन यह मामला यह भी दिखाता है कि अब जासूसी के तरीके कितने आधुनिक और खतरनाक हो चुके हैं।
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