दिल्ली पुलिस ने 8 संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें 7 अवैध बांग्लादेशी हैं। ये देश भर में हमलों की साजिश रच रहे थे। इनके तार ISI और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े हैं, जिससे एक बड़ी आतंकी साजिश नाकाम हुई।
नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए 8 संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। ये लोग पूरे देश में हमलों की साजिश रच रहे थे। पकड़े गए लोगों में 7 अवैध बांग्लादेशी नागरिक हैं। इस गिरफ्तारी से एक बड़ी आतंकी साजिश नाकाम हो गई है। शुरुआती जांच में इनके तार बांग्लादेश, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI और आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े होने के सबूत मिले हैं।
पुलिस ने इनके पास से 8 मोबाइल फोन और 16 सिम कार्ड बरामद किए हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि ये लोग हमले वाली जगहों की रेकी कर चुके थे और हथियार खरीदने की प्लानिंग कर रहे थे। यह गिरफ्तारी उस खुफिया रिपोर्ट के बाद हुई है, जिसमें कहा गया था कि पाकिस्तान का आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा दिल्ली के लाल किले और कुछ मंदिरों को निशाना बनाने की फिराक में है।
कैसे चढ़े पुलिस के हत्थे?
इस मामले की शुरुआत 7 फरवरी को हुई, जब दिल्ली और कोलकाता के मेट्रो स्टेशनों के पास देश-विरोधी पोस्टर लगाए गए थे। इन पोस्टरों पर 'फ्री कश्मीर' और 'कश्मीर में नरसंहार बंद करो' जैसे नारे लिखे थे। दिल्ली पुलिस ने जब इस मामले की जांच शुरू की, तो पश्चिम बंगाल से उमर फारूक और राबिल-उल-इस्लाम नाम के दो संदिग्धों को पकड़ा।
इन दोनों से पूछताछ के बाद मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने तमिलनाडु के तिरुपुर जिले में कई जगहों पर छापेमारी की। वहां से 6 और संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया गया। ये सभी लोग नकली आधार कार्ड का इस्तेमाल करके एक स्थानीय गारमेंट फैक्ट्री में काम कर रहे थे। गिरफ्तार लोगों की पहचान मिजनौर रहमान, मोहम्मद शबात, उमर मोहम्मद लिटन, मोहम्मद शाहिद और मोहम्मद उज्ज्वल के तौर पर हुई है।
जांच में सामने आया है कि ये सभी बांग्लादेश के रहने वाले शब्बीर अहमद के इशारे पर काम कर रहे थे। शब्बीर भारत में एक ब्लास्ट केस में जेल की सजा काट चुका है। रिहा होने के बाद वह बांग्लादेश भाग गया था। वहां उसने लश्कर-ए-तैयबा और उसके सरगना हाफिज सईद की मदद से आतंकी गतिविधियां शुरू कर दी थीं।
हमले का था शक
खुफिया एजेंसियों ने हाल ही में एक अलर्ट जारी किया था। इसके मुताबिक, 6 फरवरी को पाकिस्तान की एक मस्जिद में हुए ब्लास्ट में 32 लोगों की मौत हुई थी। पाकिस्तान ने इस हमले के पीछे भारत का हाथ होने का झूठा आरोप लगाया था। इसी का बदला लेने के लिए लश्कर के आतंकी दिल्ली के लाल किले और कुछ मंदिरों पर हमले की साजिश रच रहे थे।
ऐसे खुलीं साजिश की परतें
1. 7 फरवरी को दिल्ली और कोलकाता में कश्मीर को लेकर भड़काऊ पोस्टर लगाए गए।
2. दिल्ली पुलिस ने जांच शुरू की और बंगाल से दो लोगों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में तमिलनाडु का लिंक मिला।
3. तिरुपुर की एक गारमेंट फैक्ट्री से बाकी लोग पकड़े गए। इनके पास से नकली आधार कार्ड मिले।
4. पता चला कि इन सबका मास्टरमाइंड शब्बीर है, जो बांग्लादेश से बैठकर लश्कर और हाफिज सईद की मदद से नेटवर्क चला रहा था।
