Delhi Illegal Arms Racket: दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने पुरानी दिल्ली से चल रहे अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। 10 लोगों को गिरफ्तार कर 21 आधुनिक हथियार और 200 कारतूस बरामद किए गए। जांच में पाकिस्तान-नेपाल रूट से सप्लाई का खुलासा हुआ।

दिल्ली की पुरानी गलियां अक्सर अपने इतिहास, बाजारों और भीड़भाड़ के लिए जानी जाती हैं। लेकिन इन्हीं गलियों के बीच एक ऐसा राज छिपा था, जिसने सुरक्षा एजेंसियों को भी चौंका दिया। जांच एजेंसियों के मुताबिक, पुरानी दिल्ली का एक इलाका अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी के नेटवर्क का बड़ा अड्डा बन चुका था, जहां से दिल्ली-एनसीआर के अपराधियों तक आधुनिक हथियार पहुंचाए जा रहे थे।

बड़ी कार्रवाई करते हुए दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने इस मामले में 10 लोगों को गिरफ्तार किया है और उनके पास से कई एडवांस हथियार बरामद किए हैं।

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छापेमारी में बरामद हुए खतरनाक हथियार

पुलिस की कार्रवाई के दौरान कुल 21 आधुनिक हथियार और 200 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। बरामद हथियारों में कई अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के पिस्टल और एक सबमशीन गन भी शामिल है। जांच में सामने आया कि इनमें शामिल हैं:

  • Czechia में बनी सबमशीन गन
  • Beretta कंपनी की सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल
  • Walther की पिस्टल
  • Taurus कंपनी की पिस्टल
  • CZ पिस्टल
  • हाई-एंड PX-5.7 पिस्टल, जो आमतौर पर खास सुरक्षा बलों से जुड़ी मानी जाती है

इतने हथियारों की बरामदगी ने पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है।

तीन देशों से होकर दिल्ली पहुंचते थे हथियार

इस ऑपरेशन को लीड संजीव यादव ने किया। जांच में सामने आया कि हथियारों की सप्लाई एक संगठित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के जरिए की जा रही थी। पुलिस के अनुसार यह पूरा नेटवर्क तीन देशों से होकर काम करता था:

  • हथियारों की सप्लाई पाकिस्तान से होती थी
  • इसके बाद उन्हें भारत-नेपाल सीमा के रास्ते अंदर लाया जाता था
  • फिर दिल्ली पहुंचाकर आगे सप्लाई की जाती थी

क्राइम ब्रांच के मुताबिक, पुरानी दिल्ली का वॉल्ड सिटी इलाका इस पूरे नेटवर्क का अड्डा बन गया था।

दिल्ली-एनसीआर के गैंग तक पहुंचते थे हथियार

पुलिस का कहना है कि यहां से हथियार दिल्ली-एनसीआर के कई आपराधिक गिरोहों तक पहुंचाए जाते थे। इतना ही नहीं, कुछ हथियार दूसरे राज्यों के अपराधियों तक भी भेजे जा रहे थे। इस तरह यह नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय सप्लायर्स और देश के संगठित अपराध के बीच एक मजबूत कड़ी बन चुका था।

जांच अब और गहराई तक पहुंचेगी

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद अब जांच को और आगे बढ़ाया जा रहा है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि इस पूरे नेटवर्क का असली मास्टरमाइंड कौन है। इसके लिए पुलिस कई पहलुओं की जांच कर रही है:

  • वित्तीय लेनदेन की जांच
  • हथियारों के अंतिम खरीदारों की पहचान
  • नेटवर्क के संभावित अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन

जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि कहीं इस नेटवर्क के तार किसी स्लीपर सेल से तो नहीं जुड़े हैं।

आरोपियों से लगातार पूछताछ

गिरफ्तार किए गए सभी आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस का मानना है कि पूछताछ के दौरान इस पूरे रैकेट से जुड़े और भी बड़े नाम सामने आ सकते हैं। अधिकारियों के मुताबिक, यह कार्रवाई दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय अपराधियों तक पहुंचने वाले हथियारों की सप्लाई चेन पर बड़ा झटका साबित हो सकती है।

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