मध्य प्रदेश में किसान कल्याण वर्ष के तहत बड़वानी के नागलवाड़ी में पहली कृषि कैबिनेट होगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव किसानों की आय दोगुनी करने के संकल्प के साथ महत्वपूर्ण फैसले लेंगे। कार्यक्रम में कृषि, जनजातीय कल्याण और भगोरिया उत्सव की झलक दिखेगी।

मध्य प्रदेश में इस साल को ‘किसान कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाया जा रहा है। इसी कड़ी में डॉ. मोहन यादव ने बड़ा कदम उठाया है। सोमवार 2 मार्च को जनजातीय बहुल जिले बड़वानी के नागलवाड़ी में प्रदेश की पहली कृषि कैबिनेट होने जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि सरकार का संकल्प है कि प्रदेश के अन्नदाताओं को आत्मनिर्भर बनाते हुए उनकी आय दोगुनी की जाए। नागलवाड़ी से ही किसानों के हित में महत्वपूर्ण फैसले लिए जाएंगे।

जनजातीय अंचल से कृषि कैबिनेट की शुरुआत

बड़वानी जिले का नागलवाड़ी गांव करीब ढाई हजार की आबादी वाला जनजातीय क्षेत्र है। यहीं 800 साल पुराना भिलट देव मंदिर स्थित है, जो आदिवासी समाज की आस्था का प्रमुख केंद्र है। कृषि कैबिनेट के बाद पूरा मंत्रिमंडल मंदिर में दर्शन करेगा। सरकार का मानना है कि मालवा-निमाड़ के लोकदेवता भीलटदेव की धरती से शुरुआत करना एक प्रतीकात्मक और सांस्कृतिक संदेश भी है।

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निमाड़ी रंग में सजा कैबिनेट स्थल

पहली बार हो रही इस कृषि कैबिनेट की तैयारियां भी खास अंदाज में की जा रही हैं। आयोजन स्थल को निमाड़ की पारंपरिक शैली में सजाया जा रहा है। डोम की बनावट निमाड़ी घरों की तरह तैयार की गई है। खेती-किसानी से जुड़ी प्रदर्शनी लगाई जाएगी, जिसमें कृषि और जनजातीय कल्याण की योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। ढोल-मांदल जैसे पारंपरिक वाद्य यंत्र और लोकजीवन की झलक भी कार्यक्रम में दिखाई देगी।

पूरा दिन रहेगा मंत्री-मंडल का कार्यक्रम

राज्य सरकार का पूरा मंत्रिमंडल नागलवाड़ी में दिनभर मौजूद रहेगा। यहां कृषि कैबिनेट की बैठक के साथ-साथ प्रबुद्धजनों और किसानों के साथ सीधा संवाद भी होगा। मुख्यमंत्री किसानों को सरकार की योजनाओं की जानकारी देंगे और उनकी अपेक्षाओं व सुझावों को भी सुनेंगे। सरकार का फोकस कृषि और जनजातीय कल्याण पर रहेगा।

भगोरिया उत्सव में भी होंगे शामिल

मुख्यमंत्री और मंत्रिपरिषद के सदस्य जुलवानिया में आयोजित भगोरिया उत्सव में भी शामिल होंगे। भगोरिया उत्सव जनजातीय समाज का प्रमुख पर्व है, जिसमें पारंपरिक नृत्य और लोकसंस्कृति की झलक मिलती है।

निमाड़ी व्यंजनों का खास इंतजाम

कैबिनेट और मेहमानों के लिए भोजन में निमाड़ी स्वाद की खास व्यवस्था की गई है।

  • अमाड़ी की भाजी और मक्के की रोटी
  • दाल पानिये और छांछ
  • निमाड़ी मिर्च के भजिये
  • श्रीअन्न में कोदो का पुलाव
  • रागी की बालूशाही

यह पूरा भोजन सात्विक और स्थानीय स्वाद पर आधारित रहेगा।

पैगोडा, हट और डोम में होंगी व्यवस्थाएं

कार्यक्रम के लिए पांच बड़े डोम बनाए गए हैं।

  • एक डोम में कृषि और जनजातीय विभाग की प्रदर्शनी
  • एक में ग्रीन रूम
  • एक में कैबिनेट बैठक
  • एक में भोजनशाला
  • एक में मीडिया ब्रीफिंग

इसके अलावा 12 से ज्यादा पैगोडा में रिसेप्शन, कंट्रोल रूम और वेटिंग एरिया जैसी व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

पूरे निमाड़ के लिए अहम दिन

सरकार का मानना है कि यह कृषि कैबिनेट सिर्फ बड़वानी नहीं, बल्कि पूरे निमाड़ क्षेत्र के विकास के लिए निर्णायक साबित हो सकती है। किसान कल्याण वर्ष के तहत यह पहला बड़ा कदम है, जिससे साफ है कि राज्य सरकार कृषि और जनजातीय क्षेत्रों को प्राथमिकता देना चाहती है। अब नजर इस बात पर है कि नागलवाड़ी से किसानों के हित में कौन-कौन से अहम फैसले सामने आते हैं।

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