चंद्र ग्रहण 2026 अपने अंतिम चरण में पहुंचा। एशिया में “ब्लड मून” का दृश्य देखा गया, जबकि भारत में चंद्रोदय के समय ग्रहण का आखिरी हिस्सा दिखाई दिया। IMD के अनुसार नॉर्थईस्ट भारत और अंडमान में सबसे बेहतर नज़ारा मिला।
Chandra Grahan 2026: चंद्र ग्रहण 2026 अब अपने अंतिम चरण में है। एशिया में आसमान देखने वाले लोग अभी भी इसका नजारा कर रहे हैं, जबकि अमेरिका के अधिकतर हिस्सों में ग्रहण पहले ही समाप्त हो चुका है। शाम करीब 5:45 बजे “ब्लड मून” का पूरा दृश्य दुनिया भर में देखा गया। अब चांद पृथ्वी की छाया से बाहर निकलते हुए पार्शियल एग्जिट फेज में है।
एशिया-प्रशांत देशों में दिखा शानदार नजारा
जापान, ऑस्ट्रेलिया और न्यूज़ीलैंड जैसे देशों में लोगों ने शाम के आसमान में ग्रहण का खूबसूरत दृश्य देखा। वहीं नॉर्थ और साउथ अमेरिका के ज़्यादातर इलाकों में चांद डूब चुका था या ग्रहण समाप्त हो चुका था।
टोटल और पार्शियल चंद्र ग्रहण में क्या अंतर?
पूर्ण (टोटल) चंद्र ग्रहण के दौरान चांद पूरी तरह पृथ्वी की अम्ब्रल शैडो में चला जाता है। इसी वजह से वह लाल या गहरा दिखाई देता है, जिसे “ब्लड मून” कहा जाता है। इसके विपरीत, पार्शियल चंद्र ग्रहण में चांद का केवल एक हिस्सा पृथ्वी की छाया में जाता है। इस घटना को नंगी आंखों से सुरक्षित रूप से देखा जा सकता है। किसी खास फिल्टर की जरूरत नहीं होती।
सोशल मीडिया पर छाईं ग्रहण की तस्वीरें
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर दुनिया भर के लोगों ने चंद्र ग्रहण की खूबसूरत तस्वीरें साझा कीं। इससे यह खगोलीय घटना एस्ट्रोनॉमी प्रेमियों के लिए एक वैश्विक आयोजन बन गई।
भारत में कब और कैसे दिखा चंद्र ग्रहण?
भारत में सूर्यास्त और चंद्रोदय के समय ग्रहण का केवल आखिरी हिस्सा ही दिखाई दिया। IMD के अनुसार, देश के अधिकतर हिस्सों में लोग चंद्रोदय के समय ग्रहण का अंतिम चरण देख पाए। चूंकि, चांद पूर्व दिशा में जल्दी उगता है, इसलिए नॉर्थ-ईस्ट भारत और अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में सबसे शानदार दृश्य देखने को मिला। यहां “ब्लड मून” टोटैलिटी के अंत का भी नजारा दिखाई दिया।
चंद्र ग्रहण देखने के लिए जरूरी सलाह
सोलर एक्लिप्स के विपरीत, लूनर एक्लिप्स को नंगी आंखों से देखना पूरी तरह सुरक्षित है। जो लोग इस खगोलीय घटना को देखना चाहते हैं, उन्हें ऐसी जगह चुननी चाहिए जहां से पूर्वी क्षितिज साफ दिखाई दे। बाइनोक्युलर या छोटे टेलिस्कोप से दृश्य और भी स्पष्ट नजर आता है।
दिल्ली और मुंबई में चंद्र ग्रहण
दिल्ली और मुंबई में चांद का उदय शाम 6:22 बजे से 6:42 बजे के बीच हुआ। यहां दर्शक चांद के आधे हिस्से का अंतिम 5 से 25 मिनट तक ही दृश्य देख पाए।
बेंगलुरु और चेन्नई में ग्रहण का नजारा
बेंगलुरु और चेन्नई में चांद का उदय शाम 6:20 बजे हुआ। यहां लगभग 15 से 20 मिनट तक ग्रहण का अंतिम चरण दिखाई दिया।


