10 बार मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार की एक ख्वाहिश रह गई अधूरी, हमेशा रहेगा पछतावा!
Nitish Kumar Rajya Sabha : 10 बार बिहार के मुख्यमंत्री रहे नीतीश कुमार ने ऐलान कर दिया है कि वह राज्यसभा जा रहे हैं। अब जल्द ही बिहार के CM पद से इस्तीफा दे सकते हैं। क्योंकि वो राजनीति के सबसे ऊंचे सदन के मेंबर बनेंगे। लेकिन एक ख्वाहिश अधूरी रह गई।

10 बार मुख्यमंत्री..लेकिन एक ख्वाहिश रह गई अधूरी
नीतीश कुमार एकमात्र भारत के ऐसे नेता हैं, जो सबसे ज्यादा बार सीएम यानि 10 बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली है। शायद ही उनका यह रिकॉर्ड को तोड़ सके। वह 3 दशक तक सूबे की सियासत के सरदार रहे हैं। बिहार की सत्ता यानि नीतीश कुमार...लालू यादव से लेकर बीजेपी तक उनका साथ रहा है। अब वह दिल्ली वह देश की राजनीति के सर्वोच सदन राज्यसभा के मेंबर बनने जा रहे हैं। लेकिन उनके राजनीतिक जीवन में एक ख्वाहिश रह गई जिसे वह पूरा करना चाहते थे, लेकिन वह तमन्ना अब अधूरी ही रह जाएगी, जिसका उन्हें पछतावा तो रहेगा।
बिहार की राजनीति में कई रिकॉर्ड बना चुके नीतीश कुमार
नीतीश कुमार बिहार की राजनीति में कई रिकॉर्ड बना चुके हैं। राज्यसभा जाते ही अब उनका नाम उन नेताओं में शामिल हो जाएगा जो, विधानसभा, विधान परिषद, लोकसभा और राज्यसभा (चारों सदनों) के सदस्य रह चुके हैं। यूं कहें तो वह स्पेशल क्बल में शामिल हो जाएंगे।
एक आज अधूरी ख्वाहिश भी पूरी
बता दें कि नीतीश कुमार वैसे तो कई बार कह चुके हैं कि उनको राज्यसभा जाना है। इसको लेकर उन्होंने सार्वजनिक रूप से 22 मार्च 2022 को मीडिया इंटरव्यू के दौरान कहा था कि वह कभी लोकसभा चुनाव तो नहीं लड़ेंगे। लेकिन उन्हें मौका मिला तो वह राज्यसभा जरूर जाना चाहेंगे। इस तरह से नीतीश कुमार की यह एक अधूरी ख्वाहिश भी पूरा होने जा रही है।
'बिहारई मतलब नीतीश कुमार'
बिहार की राजनीति का नारा है कि 'बिहारई मतलब नीतीश कुमार', लेकिन अब उनको दिल्ली का टिकट मिल गया है। तो जाहिर सी बात है कि वह केंद्र की राजनीति करेंगे। लेकिन उनकी एक ख्वाहिश थी कि एक बार उनकी पार्टी यानि जेडीयू विधानसभा में पूर्ण बहुमत हासिल करे और अपने बूते पर बिहार की सरकार बना सकें। लेकिन ऐसा नहीं हो सका। जबकि उनके दोस्त और राजीतिक विरोध कहे जाने वाले लालू प्रसाद यादव एक बार ऐसा कर चुके हैं। साल 2010 में उनकी पार्टी को 117 सीटें मिली थीं, हालांकि पूर्ण बहुमत थोड़ा सा कम था।
नीतीश कुमार के राजनीति के रिकॉर्ड
बता दें कि नीतीश कुमार 1985 में पहली बार विधायक (MLA) बने थे। वहीं 1989 में पहली बार सांसद बने । वब टोटल 6 बार लोकसभा सांसद बन चुके हैं। वहीं 2006 में पहली बार बिहार विधान परिषद के सदस्य MLC बने और अब 2026 में पहली ही बार राज्यसभा मेंबर बनने जा रहे हैं। नीतीश कुमार 3 मार्च, 2000 को बिहार के पहली बार मुख्यमंत्री बने थे जो अब तक हैं।
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