कई शहरों में कमर्शियल LPG की किल्लत से कारोबार प्रभावित हैं। इस संकट पर एक ज्योतिषी की पुरानी भविष्यवाणी वायरल हो रही है। सरकार ने घरेलू सप्लाई सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम लागू कर उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया है।
देश के कई शहरों में रेस्टोरेंट, होटल और ट्रांसपोर्ट सर्विस कमर्शियल LPG की किल्लत से जूझ रही हैं। इसी बीच, एक ज्योतिषी का महीनों पुराना सोशल मीडिया पोस्ट इंटरनेट पर फिर से वायरल हो गया है। इस पोस्ट ने ऑनलाइन दुनिया में खासी हलचल मचा दी है। यह किल्लत ऐसे समय में हो रही है जब मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव की वजह से दुनिया भर में एनर्जी सप्लाई पर असर पड़ रहा है।
ज्योतिषी प्रशांत किनी ने यह पोस्ट असल में सितंबर 2025 में X (पहले ट्विटर) पर शेयर किया था। अपने ट्वीट में उन्होंने चेतावनी दी थी कि मार्च 2026 के बाद भारत में पेट्रोलियम और नैचुरल गैस की सप्लाई में रुकावट आ सकती है। पोस्ट में ज्योतिषी ने लिखा था: “मार्च 2026 के बाद भारत को ईंधन और नैचुरल गैस की कमी का सामना करना पड़ेगा… सप्लाई चेन बाधित होगी।"
जब LPG की किल्लत की खबरें सुर्खियों में आने लगीं, तो किनी ने 11 मार्च को वही ट्वीट दोबारा शेयर करते हुए लिखा: “यह भविष्यवाणी मैंने लगभग 5 महीने पहले की थी....!!”
पोस्ट देखें
लोगों ने क्या कहा?
इस पुराने पोस्ट ने सोशल मीडिया यूजर्स का ध्यान खींचा और इस पर तरह-तरह के कमेंट्स आने लगे। एक यूजर ने लिखा, "क्या आप अभी भविष्यवाणी कर सकते हैं? यह कब तक ठीक होगा?"
एक दूसरे यूजर ने कहा, “भाई तो ज्योतिष के फाइनल बॉस हैं।” एक और शख्स ने लिखा, "देखते हैं मार्च 2026 के बाद क्या होता है।"
इस कमी का असर मुंबई, बेंगलुरु और कोलकाता समेत कई शहरों में पहले ही महसूस किया जा चुका है। कई शहरों में रेस्टोरेंट एसोसिएशन ने बताया है कि पिछले कुछ दिनों से कमर्शियल LPG की सप्लाई अनियमित हो गई है।
भारत सरकार का क्या कहना है?
केंद्र सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) लागू कर दिया है कि घरों, अस्पतालों और दूसरी जरूरी सेवाओं के लिए LPG सप्लाई को प्राथमिकता दी जाए। इन पाबंदियों के चलते कुछ जगहों पर कमर्शियल डिस्ट्रिब्यूशन को सीमित कर दिया गया है। अधिकारियों ने घरेलू सिलेंडर की बुकिंग का समय भी 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया है। साथ ही, रिफाइनरियों को सप्लाई स्थिर करने के लिए LPG का उत्पादन बढ़ाने का निर्देश दिया गया है।


