पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के भारत पर असर को लेकर केंद्र ने सर्वदलीय बैठक बुलाई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में यह बैठक ऊर्जा आपूर्ति और व्यापार जैसे मुद्दों पर चर्चा के लिए आयोजित की गई है।

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और युद्ध जैसे हालात का देश पर क्या असर पड़ सकता है, इस पर चर्चा के लिए केंद्र सरकार ने आज सभी पार्टियों की एक बैठक बुलाई है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस बैठक की अध्यक्षता करेंगे। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब इस क्षेत्र में तनाव बढ़ने से ग्लोबल ट्रेड और एनर्जी सप्लाई पर गंभीर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

यह सर्वदलीय बैठक आज शाम 5 बजे संसद भवन परिसर में होगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के अलावा विदेश मंत्री एस. जयशंकर के भी इसमें शामिल होने की उम्मीद है। वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी आज केरल में चुनावी प्रचार में व्यस्त हैं, इसलिए वह इस बैठक में हिस्सा नहीं लेंगे। बैठक में ईंधन और उर्वरक क्षेत्र पर पड़ने वाले असर और युद्ध के हालात में भारत की तरफ से उठाए गए कदमों जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।

इससे पहले, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कल यानी बीते दिन एक हाई-लेवल मीटिंग की थी। इसमें युद्ध की स्थिति को देखते हुए भारत की रक्षा तैयारियों का जायजा लिया गया। इस मीटिंग में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह, जनरल उपेंद्र द्विवेदी, एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी और DRDO के चेयरमैन समीर कामत समेत सेना और रक्षा मंत्रालय के कई बड़े अधिकारी मौजूद थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कल राज्यसभा में कहा था कि पश्चिम एशिया में तनाव की वजह से पैदा हुए मुश्किल वैश्विक हालात लंबे समय तक बने रह सकते हैं और इससे निपटने के लिए सभी को एकजुट होना होगा। इस बीच, केंद्र सरकार ने बताया है कि जमाखोरी और कालाबाजारी को रोकने के लिए केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर देशभर में जांच तेज कर दी हैं। एक अच्छी खबर यह भी है कि भारतीय नौसेना की सुरक्षा में होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर भारत के दो एलपीजी टैंकर 'जग वसंत' और 'पाइन गैस' इसी हफ्ते भारतीय बंदरगाहों पर पहुंच जाएंगे।