Ahmedabad Dosa Case: अहमदाबाद डोसा केस में चौंकाने वाला खुलासा-क्या फूड पॉइज़निंग नहीं, बल्कि ज़हर से हुई दो बच्चियों की मौत? डायरी में ‘बेटा चाहिए’ की इच्छा, घर से मिला सेल्फोस और रिपोर्ट ने माता-पिता पर गहरा शक खड़ा कर दिया है-आखिर सच क्या है?

Ahmedabad Dosa Case: अहमदाबाद के चांदखेड़ा इलाके में दो मासूम बहनों की मौत का मामला अब एक साधारण फूड पॉइज़निंग केस नहीं रहा। शुरुआत में लगा था कि डोसा खाने के बाद तबीयत बिगड़ने से यह हादसा हुआ, लेकिन जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, कहानी ने डरावना मोड़ ले लिया। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस को एक डायरी मिली है, जिसमें माँ ने बेटे की चाहत का ज़िक्र किया था। इसी के साथ, घर से मिला कीटनाशक (सेल्फोस) और मेडिकल रिपोर्ट में ज़हर की पुष्टि ने पूरे मामले को और रहस्यमय बना दिया है। क्या यह सिर्फ एक दुर्घटना थी या फिर घर के अंदर ही कोई खतरनाक साजिश रची गई थी?

क्या डोसा खाने से हुई मौत या कुछ और था?

यह मामला 1 अप्रैल 2026 को सामने आया, जब परिवार ने घर पर डोसा खाया और अचानक सभी की तबीयत बिगड़ गई। शुरुआत में इसे सामान्य फूड पॉइज़निंग माना गया, लेकिन बाद में जांच में कुछ ऐसा सामने आया जिसने सभी को चौंका दिया। डॉक्टरों ने माता-पिता के खून में एल्युमिनियम फॉस्फाइड (सेल्फ़ोस) जैसे जहरीले कीटनाशक के अंश पाए। इससे साफ हो गया कि मामला सिर्फ खाने का नहीं, बल्कि ज़हर का हो सकता है।

डायरी में ‘बेटा चाहिए’-क्या यही बना शक की सबसे बड़ी वजह?

जांच के दौरान पुलिस को एक डायरी मिली, जिसमें मां ने बेटे की इच्छा जाहिर की थी। डायरी में लिखा था कि अगर बेटा हुआ तो वह मंदिर में मन्नत पूरी करेगी। इस खुलासे ने पुलिस को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि क्या बेटा पाने की चाहत इस दुखद घटना की वजह बन सकती है?

क्या घर में ही मिलाया गया था ज़हर?

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि पिता ने घटना से कुछ दिन पहले सेल्फ़ोस खरीदा था, जो अनाज में इस्तेमाल होने वाला जहरीला कीटनाशक है। यह पदार्थ घर से बरामद भी किया गया है। सबसे बड़ा सवाल यही है-क्या यह ज़हर खाने में घर पर मिलाया गया था? पुलिस अब घर और डेयरी दोनों जगह से सैंपल जांच रही है।

डेयरी क्लीन, फिर ज़हर आया कहां से आया?

परिवार ने जो डोसा बैटर खरीदा था, वह एक स्थानीय डेयरी से लिया गया था। लेकिन डेयरी मालिकों ने साफ कहा कि उसी दिन बटर खरीदने वाले बाकी ग्राहकों को कोई परेशानी नहीं हुई। CCTV फुटेज में भी कोई संदिग्ध गतिविधि नहीं दिखी है। इससे शक और ज्यादा परिवार के अंदर की ओर बढ़ रहा है। फिलहाल पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। माता-पिता की हालत अब स्थिर है, लेकिन उनसे लगातार पूछताछ हो रही है। अंतिम सच्चाई अब फोरेंसिक रिपोर्ट और आगे की जांच पर निर्भर करेगी।

हादसा, आत्महत्या या साजिश-सच क्या है?

फिलहाल पुलिस तीन एंगल पर जांच कर रही है- क्या यह गलती से हुआ हादसा था? क्या यह आत्महत्या की कोशिश थी? या फिर यह एक सोची-समझी साजिश थी? CCTV फुटेज, फॉरेंसिक रिपोर्ट और पूछताछ के आधार पर ही अंतिम सच सामने आएगा। दो मासूम बहनों की मौत ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। डायरी, ज़हर और परिवार के अंदर के सुराग इस केस को और भी पेचीदा बना रहे हैं। जवाब आने वाले दिनों में फॉरेंसिक रिपोर्ट और पुलिस जांच से ही मिलेगा, लेकिन फिलहाल यह मामला एक गहरी मिस्ट्री बन चुका है।