सार

विश्व वन्यजीव दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सासन गिर का दौरा करेंगे। गिर में एशियाटिक शेर संरक्षण, इको-टूरिज्म, हाई-टेक मॉनिटरिंग सेंटर और स्थानीय समुदायों के विकास पर होगा फोकस।

 

World Wildlife Day 2025: वर्ल्ड वाइल्डलाइफ डे 2025 के अवसर पर सोमवार को पीएमनरेंद्र मोदी गुजरात में रहेंगे। विश्व वन्यजीव दिवस (World Wildlife Day 2025) के दिन जूनागढ़ जिले में स्थित सासन गिर (Sasan Gir) का वह दौरा करेंगे। गिर क्षेत्र एशियाटिक शेरों (Asiatic Lions) का एकमात्र प्राकृतिक आवास है। पीएम मोदी के इस दौरे को शेर संरक्षण तथा इको-टूरिज्म (Eco-Tourism) को नई दिशा देने के रूप में देखा जा रहा है।

गिर में एशियाटिक शेरों के संरक्षण के लिए सरकार की पहल

वर्तमान में गुजरात के 9 जिलों के 53 तालुका क्षेत्रों में लगभग 30,000 वर्ग किमी में एशियाटिक शेरों (Asiatic Lions in Gujarat) की आबादी फैली हुई है। गुजरात सरकार ने शेरों की सुरक्षा और वन्यजीव संरक्षण के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

पीएम मोदी का दौरा क्यों महत्वपूर्ण?
  • एशियाटिक शेर संरक्षण के लिए नई योजनाओं का ऐलान संभव
  • गिर के इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए नई घोषणाएं
  • स्थानीय समुदायों की भागीदारी को और मजबूत करने के प्रयास
  • आधुनिक टेक्नोलॉजी के माध्यम से वन्यजीव निगरानी को बढ़ावा

वन्यजीव संरक्षण को मिलेगी मजबूती, नया हाई-टेक मॉनिटरिंग सेंटर तैयार

जूनागढ़ जिले के न्यू पीपल्या (New Pipalya) क्षेत्र में 20.24 हेक्टेयर में राष्ट्रीय रेफरल सेंटर (National Referral Center for Wildlife) स्थापित किया जा रहा है जिससे वन्यजीवों के संरक्षण को मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही, सासन में एक अत्याधुनिक हाई-टेक मॉनिटरिंग सेंटर (High-Tech Wildlife Monitoring Center) और वन्यजीवों के लिए उन्नत अस्पताल भी बनाए गए हैं।

गिर में महिलाओं की भूमिका और सुरक्षा के लिए नई योजनाएं

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल (CM Bhupendra Patel) के नेतृत्व में 2024 में गिर क्षेत्र में 237 बीट गार्ड (Beat Guards) भर्ती किए गए जिनमें 162 पुरुष और 75 महिलाएं शामिल हैं। इनका मुख्य कार्य संरक्षित क्षेत्रों की निगरानी करना और शेरों के आवास की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

'गिर संवाद सेतु' (Gir Samvad Setu) योजना के तहत स्थानीय समुदायों की छोटी-मोटी समस्याओं के समाधान के लिए 300 से अधिक कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। साथ ही, वन्यजीव संरक्षण के लिए 9 ब्रीडिंग सेंटर (Breeding Centers for Herbivorous Animals) स्थापित किए गए हैं।

रेलवे ट्रैक पर शेरों की सुरक्षा के लिए SOP लागू

ग्रेटर गिर क्षेत्र (Greater Gir Region) में रेलवे ट्रैक पर शेरों की आवाजाही के कारण दुर्घटनाओं को रोकने के लिए रेलवे और वन विभाग ने मिलकर एसओपी (Standard Operating Procedure - SOP) तैयार की है, जिससे इस प्रकार की घटनाओं में काफी कमी आई है।

पीएम मोदी से गुजरात को उम्मीद,गिर संरक्षण को नई पहचान

गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री और वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) ने 2007 में गिर का दौरा कर जमीनी हकीकत का जायजा लिया था। इसके बाद उन्होंने 'ब्रुहद गिर' (Bruhad Gir) योजना की शुरुआत की, जिससे गिर नेशनल पार्क के अलावा 30,000 वर्ग किमी क्षेत्र में शेर संरक्षण का विस्तार किया गया।

पीएम मोदी के प्रयासों से 2007 में 'गुजरात स्टेट लायन कंजर्वेशन सोसायटी' (Gujarat State Lion Conservation Society - GSLCS) की स्थापना की गई, जिससे स्थानीय लोगों की भागीदारी के माध्यम से वन्यजीव संरक्षण को बढ़ावा दिया गया। गिर इको-टूरिज्म से होने वाली कमाई को इस फंड में जोड़ा जाता है, जिससे वन विभाग की सुविधाओं में सुधार किया जाता है।

गिर में इको-टूरिज्म को पीएम मोदी ने दी नई दिशा

गिर क्षेत्र में इको-टूरिज्म (Eco-Tourism in Gir) को बढ़ावा देने के लिए पीएम मोदी के कार्यकाल में 'खुशबू गुजरात की' (Khushbu Gujarat Ki) अभियान की शुरुआत की गई थी, जिसने गिर को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित किया।

2017 में अंबारडी सफारी पार्क (Ambardi Safari Park) की स्थापना की गई जिससे गिर पर पर्यटन दबाव को कम करने में मदद मिली। गिर ऑनलाइन परमिट बुकिंग सिस्टम (Gir Online Permit Booking System) के आने से सफारी अनुभव और अधिक सुगम हुआ।

इको-टूरिज्म से स्थानीय लोगों को लाभ

गिर में इको-टूरिज्म के कारण स्थानीय कारीगरों, हस्तशिल्प निर्माताओं और किसानों को सीधा फायदा हुआ। गिर के केसर आम (Kesar Mango), गन्ने की गुड़, गिर गाय का घी (Gir Cow Ghee), फल और स्थानीय हस्तशिल्प आदि पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय हो गए हैं। इको-टूरिज्म से 1,000 परिवारों को प्रत्यक्ष और 15,400 परिवारों को अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिला है।

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