सार
8th Pay Commission: केंद्रीय कैबिनेट ने कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। केंद्र की मोदी सरकार ने गुरुवार को 8th पे कमीशन (8th Pay Commission) के संविधान को मंजूरी दे दी है। मोदी कैबिनेट की मंजूरी की जानकारी देते हुए केंद्रीय संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि जल्द ही 8वें वेतन आयोग के नए चेयरमैन और दो सदस्यों की नियुक्ति की जाएगी। वेतन आयोग तीन सदस्यीय होगा। दरअसल, वेतन आयोग ही केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन व अन्य भत्तों का निर्धारण करता है। इस कमीशन की सिफारिशों के बाद ही सरकारी कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोत्तरी की जाती है।
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि 2016 में लागू किए गए 7वें वेतन आयोग की वैलिडिटी 2026 तक है। इसलिए अब सरकार ने 8वें वेतन आयोग के संविधान को मंजूरी दे दी है। ताकि 8वें वेतन आयोग के संबंध में सारी संस्तुतियां समय से हो सके और यह 2026 तक लागू हो जाए। उन्होंने कहा कि सातवां वेतन आयोग ने जो भी संस्तुतियां दी थी, उसे प्रभावी ढंग से लागू कर दिया गया है। जल्द ही अब 8वें वेतन आयोग से संबंधित जानकारियां और इस कमीशन के मेंबर्स के संबंध में डिटेल सरकार आने वाले समय में देगी।
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एक करोड़ से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों व पेंशनर्स को इंतजार
8वें वेतन आयोग का इंतजार एक करोड़ से अधिक कर्मचारियों व पेंशनर्स को है। पे कमीशन, इनके वेतन का रिव्यू करता है। आयोग के द्वारा कर्मचारियों के बेसिक पे, अलावेंस, पेंशन या अतिरिक्त लाभ संबंधी सारे रीविजन किए जाते हैं। केंद्रीय वेतन आयोग, एक दशक के लिए लागू किया जाता है। यह वेतन, भत्ता व अन्य सुविधाओं को बढ़ाने की संस्तुति करता है।
कब लागू हुआ था 7वां वेतन आयोग?
देश का 7वां वेतन आयोग तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ.मनमोहन सिंह के कार्यकाल में 28 फरवरी 2014 को लागू किया गया था। 19 नवम्बर 2015 को यह अपनी संस्तुतियों को पेश किया था। 1 जनवरी 2016 को इसे लागू किया गया था।
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