सार
पीएम मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप से फ़ोन पर बात भारत-अमेरिका संबंधों के अलावा कई मुद्दों पर चर्चा की है।
PM Modi talks to Donald Trump: डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति पद की शपथ लेने के बाद पहली बार पीएम नरेंद्र मोदी ने उनसे टेलीफोनिक वार्ता की है। सोमवार को हुई इस बातचीत में प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रंप को बधाई देने के साथ भारत-अमेरिका के संबंधों पर विस्तृत चर्चा की है। पीएम मोदी ने दोनों देशों के संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया। दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने अवैध प्रवासी मुद्दे पर भी बातचीत की है।
दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच काफी घनिष्ठ संबंध माना जाता है। ट्रंप के पहले कार्यकाल में दोनों नेताओं ने एक दूसरे के आग्रह पर रैलियां की थीं। अब ट्रंप के दूसरी बार राष्ट्रपति बनने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने भारत-अमेरिका के बीच घनिष्ठ सहयोग की उम्मीद जताई है।
ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल की प्राथमिकताएं
पिछले सोमवार को ट्रंप ने अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत के साथ ही कई कार्यकारी आदेश जारी किए। इनमें अमेरिकी इमिग्रेशन पॉलिसी और एच1-बी वीजा व्यवस्था में बदलाव शामिल हैं। एच1-बी वीजा के तहत विदेशी पेशेवरों को अमेरिका में काम करने का मौका मिलता है और भारत इस वीजा के लाभार्थियों में सबसे आगे है। हालांकि, हाल के वर्षों में हजारों भारतीय अवैध रूप से कनाडा और मेक्सिको के रास्ते अमेरिका पहुंचे हैं। अमेरिका के नए राष्ट्रपति ने सभी अवैध प्रवासियों को बाहर निकालने के लिए नया एक्ट लागू कर दिया है।
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अवैध प्रवासियों को वापस लेने के लिए तैयार भारत
भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को वाशिंगटन में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुलाकात के बाद कहा कि भारत अवैध रूप से अमेरिका में रह रहे अपने नागरिकों को वापस लेने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा: हम चाहते हैं कि भारतीय प्रतिभा और कौशल को वैश्विक स्तर पर अधिकतम अवसर मिले। लेकिन साथ ही हम अवैध प्रवासन और अवैध आव्रजन के सख्त खिलाफ हैं। अगर कोई भी भारतीय नागरिक अवैध रूप से अमेरिका में है और यदि हमें यकीन है कि वे हमारे नागरिक हैं तो हम हमेशा उनके वैध तरीके से भारत लौटने के लिए तैयार रहे हैं।
अमेरिकी जनगणना 2020 के अनुसार, अमेरिका में भारतीय मूल की आबादी पिछले दशक में 50 प्रतिशत बढ़कर 48 लाख हो गई है। वहीं, 2022 में विदेशों में पढ़ाई करने वाले करीब 13 लाख भारतीय छात्रों में से एक तिहाई से ज्यादा अमेरिका में थे।
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