सार

PM Modi ने गोधरा कांड को लेकर फैलाए गए फर्जी नैरेटिव पर बयान दिया। उन्होंने कहा कि 2002 से पहले गुजरात में 250 से अधिक दंगे हो चुके थे, लेकिन उसके बाद एक भी सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ।

PM Modi podcast with Lex Fridman: अमेरिकन पॉडकास्टर लेक्स फ्रिडमैन के साथ अपने तीन घंटा के मैराथन इंटरव्यू में पीएम नरेंद्र मोदी ने कई मुद्दों पर बातचीत की है। प्रधानमंत्री ने गुजरात में हुए गोधरा कांड पर बात करते हुए उसे झूठ करार दिया। उन्होंने कहा कि गोधरा कांड को लेकर झूठ फैलाया गया। आईए जानते हैं पीएम मोदी संग बातचीत का प्रमुख अंश...

पीएम मोदी ने गोधरा कांड को लेकर किया बड़ा दावा

पीएम मोदी (PM Modi) ने गोधरा कांड (Godhra Case) पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि 2002 से पहले गुजरात (Gujarat) में 250 से अधिक दंगे (Riots) हो चुके थे और उस दौरान राज्य में सांप्रदायिक हिंसा आम थी। साथ ही, उस समय पूरी दुनिया आतंकवादी गतिविधियों (Terrorism) और हिंसा (Violence) के उभार को देख रही थी।

पीएम मोदी ने बताया कि 2002 के बाद से गुजरात में एक भी सांप्रदायिक दंगा नहीं हुआ। उन्होंने इस स्थिरता और विकास का श्रेय अपनी सरकार की नीति सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास को दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार वोट बैंक पॉलिटिक्स (Vote Bank Politics) में विश्वास नहीं रखती बल्कि सबके उत्थान के लिए काम करती है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि गुजरात दंगों से पहले देश में बड़े आतंकी हमले हुए

पीएम मोदी ने कहा कि 1999 में कंधार विमान अपहरण, 2000 में लाल किले पर हमला, 9/11 (2001) अमेरिका आतंकी हमला, जम्मू-कश्मीर विधानसभा और भारतीय संसद पर हमले जैसे कई बड़े घटनाक्रम देश को झकझोर चुके थे। इस दौरान गुजरात भी 2001 के विनाशकारी भूकंप से उबर रहा था।

गुजरात के मुख्यमंत्री बनने के तीन दिन बाद हुआ गोधरा कांड

मोदी ने बताया कि 7 अक्टूबर, 2001 को जब उन्होंने पहली बार मुख्यमंत्री पद संभाला तब उन्हें प्रशासन का कोई अनुभव नहीं था। 24 फरवरी, 2002 को वे पहली बार निर्वाचित प्रतिनिधि बने और 27 फरवरी, 2002 को गोधरा कांड हुआ, जिसने प्रदेश में हिंसा भड़का दी। पीएम मोदी ने कहा कि गुजरात में 2002 से पहले भी 250 से अधिक दंगे हो चुके थे। 1969 का दंगा छह महीने तक चला था। उन्होंने कहा कि 2002 के दंगे दुखद थे, लेकिन उसके बाद राज्य में स्थायी शांति बनी।

प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि 2002 के दंगों के बाद कई लोगों ने उनकी छवि खराब करने की कोशिश की। उन्हें लगातार निशाना बनाया गया लेकिन अंततः न्याय की जीत हुई और अदालतों (Courts) ने उन्हें निर्दोष करार दिया।