सार
PM Modi in Parliament: संसद के बजट सत्र 2025 में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव चर्चा के दौरान पीएम मोदी ने विपक्ष के आरोपों का जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग वास्तविकता को समझने में विफल रहे हैं। माननीय राष्ट्रपति जी ने अपने संबोधन में हमारी सरकार की उपलब्धि को स्वीकार किया है। जो लोग सिर्फ़ फोटो सेशन और निजी मनोरंजन के लिए झुग्गियों में जाते हैं, उन्हें संसद में गरीबों के कल्याण पर चर्चा करना उबाऊ लगेगा।
कुछ लोग हताशा में कुछ भी बोलते
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि जब बुखार चढ़ता है तो लोग कुछ भी बोल देते हैं। लेकिन जब वे बहुत हताश होते हैं तो भी कुछ भी बोल देते हैं। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकारों पर कटाक्ष करते हुए पीएम मोदी ने एक अखबार में वर्षो पहले छपे कार्टून दिखाते हुए कहा कि पहले अखबारों की सुर्खियाँ घोटाले और भ्रष्टाचार से जुड़ी होती थीं। 10 साल बीत गए हैं और करोड़ों रुपये की बचत हुई है जिसका उपयोग जनता के लिए किया गया है।
शीशमहल बनवाने के लिए नहीं किया पैसों का इस्तेमाल
उन्होंने केजरीवाल का नाम लिए बगैर हमला बोलते हुए कहा कि हमने शीशमहल बनाने के बजाय राष्ट्र निर्माण के लिए धन का उपयोग किया। हमने कई कदम उठाए हैं जिससे बहुत सारा पैसा बचा है, लेकिन हमने उस पैसे का उपयोग शीशमहल बनाने के लिए नहीं किया है बल्कि हमने उस पैसे का उपयोग राष्ट्र निर्माण के लिए किया है।
मिस्टर क्लीन के नाम से मशहूर एक पीएम थे...
पीएम मोदी ने कांग्रेस के पूर्व पीएम राजीव गांधी पर हमला बोलते हुए कहा कि एक प्रधानमंत्री थे जिन्हें मिस्टर क्लीन के नाम से जाना जाता था। उन्होंने हीइस मुद्दे को उठाया कि जब दिल्ली से 1 रुपया निकलता है तो गांवों तक केवल 15 पैसे पहुंचते हैं। उस समय, पंचायत से लेकर संसद तक एक ही पार्टी का शासन था और आम आदमी आसानी से समझ जाता था कि 15 पैसे कहां गए।
कुछ लोग वास्तविकता को समझने में विफल
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा: जब एक महिला को खुले में शौच करने के लिए मजबूर किया जाता है तो वह सूर्योदय से पहले या सूर्यास्त के बाद ही बाहर निकल सकती है। कुछ लोग इस वास्तविकता को समझने में विफल रहते हैं। 12 करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण करके, हमने अपनी बहनों और बेटियों के संघर्ष को कम किया है। इन दिनों मीडिया का ध्यान गांवों में जकूज़ी और स्टाइलिश शॉवर जैसे विषयों पर केंद्रित है। लेकिन हमारी प्राथमिकता हमेशा से यह सुनिश्चित करना रही है कि हर घर तक नल का पानी पहुंचे। लगभग 75% घरों - यानी लगभग 16 करोड़ घरों में नल कनेक्शन नहीं थे। हमारी सरकार ने 12 करोड़ घरों में पाइप से पानी पहुंचाया है। माननीय राष्ट्रपति जी ने अपने संबोधन में इस उपलब्धि को स्वीकार किया है। जो लोग सिर्फ़ फोटो सेशन और निजी मनोरंजन के लिए झुग्गियों में जाते हैं, उन्हें संसद में गरीबों के कल्याण पर चर्चा करना उबाऊ लगेगा।
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