सार
नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र (Parliament Budget Session 2025) के दौरान गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने परमिट राज को लेकर कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। पीएम ने कांग्रेस के दो नेताओं पी. चिदंबरम और जयराम रमेश के बयानों का जिक्र कर कांग्रेस की धज्जियां उड़ा दी।
नरेंद्र मोदी ने कहा, "आज के नौजवानों को ये जानना बहुत जरूरी है कि उनके मां-बाप को मुसीबतों से जिंदगी क्यों गुजारनी पड़ी? देश की ऐसी हालत क्यों हुई? अगर बीते दशक में डिजिटल इंडिया के लिए हम प्रो एक्टिव न होते तो आज जैसी सुविधाएं लेने में हमें कई साल इंतजार करना पड़ता। आज हम कहीं समय के साथ और कहीं-कहीं समय से आगे चल रहे हैं। आज देश में 5जी टेक्नोलॉजी है।"
उन्होंने कहा, "मैं अतीत के अनुभवों से कह रहा हूं। कम्प्यूटर हो, मोबाइल फोन हो, ऐसी कई टेक्नोलॉजी दुनिया के कई देशों में हमारे से बहुत पहले पहुंच गई थी, लेकिन भारत में आते-दशकों बीत गए। चेचक, बीसीजी का टीका, जब हम गुलाम थे तब दुनिया में वो टीका लग रहा था। भारत में ये दशकों बाद आया। पोलियो के टीका के लिए हमने दशकों तक इंतजार किया।"
कांग्रेस ने देश की व्यवस्था को जकड़ रखा था
पीएम ने कहा, "कांग्रेस ने देश की व्यवस्था को जकड़ रखा था। उनको लगता था कि सारा ज्ञान सरकार में बैठे लोगों को ही है। परिणाम लाइसेंस परमिट राज कांग्रेस की पहचान बन गई थी। कम्प्यूटर का जब शुरुआती दौर था तब उसे आयात करने के लिए लाइसेंस लेना होता था। इसे पाने में भी सालों लग जाते थे। वो दिन थे मकान बनाने के लिए सीमेंट चाहिए तो उसके लिए परमिशन लेना पड़ता था। शादी में चीनी की जरूरत हो तो भी लाइसेंस लेना पड़ता था।"
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उन्होंने कहा, "कांग्रेस के एक पूर्व वित्त मंत्री (पी. चिदंबरम) जो अपने आप को बहुत ज्ञानी मानते हैं। उन्होंने माना था कि लाइसेंस परमिट के बिना कोई काम नहीं होते थे। उन्होंने यह भी कहा था कि लाइसेंस परमिट बिना रिश्वत के नहीं मिलता था। उस जमाने में हाथ की सफाई कौन करता था। कौन पंजा था। इस सदन में कांग्रेस के एक सदस्य (जयराम रमेश) हैं। जिनके पिताजी के पास खुद के पैसे थे। किसी से लेना नहीं था। कार खरीदना चाहते थे। 15 साल तक उनको कार के लिए इंतजार करना पड़ा था। 8-10 साल एक स्कूटर खरीदने में लग जाता था। स्कूटर बेचना हो तो उसके लिए सरकार से परमिशन लेनी पड़ती थी। गैस सिलेंडर के लिए एमपी को कुपन दिया जाता था।"