सार

पीएम मोदी ने परीक्षा पे चर्चा 2025 में छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों को बहुमूल्य सुझाव दिए। समय प्रबंधन, ज्ञान पर ज़ोर, और दबाव से निपटने जैसे विषयों पर चर्चा हुई। सफलता के लिए PM के गुरुमंत्र जानें।

Pariksha Pe Charcha 2025: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को परीक्षा पे चर्चा (पीपीसी 2025) के आठवें संस्करण में छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों के साथ बातचीत की। इस कार्यक्रम में आध्यात्मिक गुरु सद्गुरु, फिल्म स्टार दीपिका पादुकोण और विक्रांत मैसी, ओलंपिक चैंपियन मैरी कॉम और पैरालिंपिक स्वर्ण पदक विजेता अवनी लेखरा सहित कई नामचीन हस्तियां शामिल हुईं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी छात्रों को कई खास गुरुमंत्र दिए। उन्होंने कहा कि ऐसी चीजों को इग्नोर करें जो ध्यान भटकाती हैं। क्रिकेट के मैदान में जैसे एक बल्लेबाज आने वाले बॉल पर ध्यान लगाता है उसी तरह अपने ध्यान को केंद्रित करें।

पीएम नरेंद्र मोदी ने छात्रों को दिए ये 6 खास गुरुमंत्र

1. प्रभावी होना चाहिए टाइम मैनेजमेंट: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रणनीतिक समय के इस्तेमाल के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि टाइम मैनेजमेंट प्रभावी हो यह जरूरी है। पीएम ने छात्रों से कहा कि अपने दिन की योजना पहले से बनाएं। जो विषय पसंद हैं उनपर ध्यान केंद्रित करने के बजाय चुनौतीपूर्ण विषयों को अधिक समय दें।

2. छात्रों की अनूठी खूबियों को पहचानें शिक्षक: नरेंद्र मोदी ने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे केवल सलाह देने से आगे बढ़कर छात्रों की अनूठी खूबियों को सक्रिय रूप से पहचानें। ऐसे माहौल बनाएं जिसमें छात्र खुद को मूल्यवान और समझा हुआ महसूस करें।

3. सिर्फ परीक्षा की तैयारी की जगह ज्ञान पाने पर ध्यान दें: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि परीक्षाओं का अपना महत्व है। अकादमिक परीक्षाओं को वास्तविक शिक्षा के रूप में नहीं समझा जाना चाहिए। छात्रों को केवल परीक्षा की तैयारी करने के बजाय ज्ञान प्राप्त करने पर ध्यान देना चाहिए।

4. बच्चों को अपनी रुचियों को तलाशने की आजादी दें: अभिभावकों को संबोधित करते हुए नरेंद्र मोदी ने कहा कि बच्चों को अपनी रुचियों को तलाशने की आजादी देना जरूरी है। छात्रों को सिर्फ किताबों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उन्हें अपने शौक पूरे करने के लिए भी समय देना चाहिए। इससे उनका समग्र विकास होता है।

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5. बल्लेबाज से सीखें दबाव से निपटना: परीक्षा में अंक लाने का दबाव हो माता-पिता की अपेक्षा का प्रेशर, इनसे कैसे निपटें? इस सवाल का जवाब पीएम नरेंद्र मोदी ने क्रिकेटर का उदाहरण देते हुए दिया। उन्होंने कहा कि जब कोई बल्लेबाज खेल रहा होता है तो स्टेडियम में बैठे हजारों लोग तरह-तरह की मांग करते हैं। कोई चौका लगाने के लिए कहता है, कोई छक्का। क्या बल्लेबाज उनपर ध्यान देता है। वह पूरा ध्यान आने वाली अगली गेंद पर लगाता है। इसी तरह छात्रों को बाहरी तनाव के बजाय अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। दबाव के बारे में चिंता करने के बजाय अपना ध्यान सीखने पर लगाना चाहिए।

6. स्वास्थ्य, नींद और भोजन: प्रधानमंत्री ने अच्छे स्वास्थ्य को बनाए रखने के महत्व पर भी जोर दिया। उन्होंने छात्रों से कहा कि केवल बीमारी से बचना ही स्वस्थ होना नहीं है। उचित नींद और संतुलित आहार समग्र स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण हैं।