सार

इसरो दोबारा इस्तेमाल होने वाले रॉकेट इंजन का परीक्षण कर रहा है। विकास इंजन को सफलतापूर्वक रीस्टार्ट किया गया, जो भविष्य में अंतरिक्ष मिशनों की लागत कम कर सकता है। LVM-3 रॉकेट का कोर लिक्विड स्टेज भी लॉन्च के लिए तैयार है।

बेंगलुरु। भारत की अंतरिक्ष एजेंसी इसरो (ISRO) ऐसा रॉकेट इंजन बना रहा है, जिसे बार-बार इस्तेमाल किया जा सकेगा। रॉकेट लॉन्च होने के बाद इसे वापस लाया जाएगा और अगले मिशन में इस्तेमाल किया जाएगा। इस समय इसरो द्वारा जो रॉकेट लॉन्च होते हैं वे एक-तरफा सफर करते हैं। इसरो के रॉकेट में आमतौर पर 3-4 स्टेज होते हैं। हर स्टेज के पूरा होने के बाद उसके इंजन, इंधन टैंक और अन्य हिस्से अलग हो जाते हैं। अगली बार लॉन्च करने के लिए रॉकेट को नया बनाया जाता है।

इसरो ऐसा रॉकेट बनाने की कोशिश में है, जिसे विमान की तरह बार-बार इस्तेमाल किया जा सकेगा। इससे किसी उपग्रह को अंतरिक्ष में पहुंचाने या दूसरे स्पेस मिशन का खर्च कम हो जाएगा। इसी क्रम में इसरो ने शुक्रवार को महेंद्रगिरि स्थित इसरो प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स में विकास तरल इंजन (ऐसा इंजन जिसमें तरल इंधन इस्तेमाल हो) को फिर से चालू करने का सफलतापूर्वक प्रदर्शन किया।

रॉकेट के लिक्विड स्टेज को ताकत देगा विकास इंजन

विकास इंजन एक ऐसा इंजन है जो इसरो के रॉकेट के लिक्विड स्टेज को ताकत देगा। लॉन्च होने के बाद इसे रिकवर किया जाएगा। इसका इस्तेमाल फिर दूसरे रॉकेट को लॉन्च करने में होगा। टेस्ट के दौरान विभिन्न परिस्थितियों में इंजन को फिर से चालू किया गया। इंजन को 60 सेकंड के लिए चालू किया गया। इसके बाद इसे 120 सेकंड के लिए बंद कर दिया गया और फिर 7 सेकंड के लिए चालू किया गया। टेस्ट के दौरान इंजन ने पहले से तय पैरामीटर के अनुसार प्रदर्शन किया।

LVM-3 रॉकेट का कोर लिक्विड स्टेज (L110) लॉन्च के लिए रवाना

एक अलग घटनाक्रम में इसरो के LVM-3 रॉकेट के कोर लिक्विड स्टेज (L110) को 17 जनवरी को लॉन्च के लिए रवाना किया गया है। इसे श्रीहरिकोटा स्थित प्रक्षेपण परिसर भेजा गया है। यह महेंद्रगिरि स्थित इसरो प्रोपल्शन कॉम्प्लेक्स में एकीकृत होने वाला 10वां एल110 लिक्विड स्टेज है।

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यह स्टेज LVM-3 मिशन के लिए तय किया गया है। यह NSIL और AST एंड साइंस, LLC के बीच वाणिज्यिक समझौते के तहत ब्लूबर्ड ब्लॉक 2 सैटेलाइट लॉन्च करेगा। LVM-3 रॉकेट के विकास के दौरान इसरो के लिक्विड प्रोपल्शन सिस्टम सेंटर (LPSC) द्वारा डिजाइन और विकसित L110 चरण में दोहरे विकास इंजन लगे हैं। यह 110 टन प्रोपलेंट ले जा सकता है।