सार
ISRO के SpaDeX उपग्रह बेहद करीब हैं। दोनों उपग्रह को पहले 15 मीटर फिर 3 मीटर तक करीब लाया गया। डॉकिंग की तैयारी चल रही है। जल्द ही भारत अंतरिक्ष में नया कीर्तिमान स्थापित करेगा।
नई दिल्ली। भारत की अंतरिक्ष एजेंसी इसरो (ISRO) बड़ी कामयाबी पाने जा रही है। इसरो के स्पेस डॉकिंग एक्सपेरीमेंट (SpaDeX ) उपग्रह इस समय कक्षा में एक-दूसरे के बेहद करीब हैं। इसरो ने रविवार सुबह बताया कि दो उपग्रह SDX01 (चेजर) और SDX02 (टारगेट) अच्छी स्थिति में हैं। शनिवार शाम को उनके बीच की दूरी 230 मीटर थी।
रविवार सुबह 5:17 बजे इसरो ने X पर पोस्ट किया, "15 मीटर की दूरी पर हम एक-दूसरे को स्पष्ट रूप से देख सकते हैं। हम हाथ मिलाने के लिए सिर्फ 50 फीट की दूरी पर हैं।"
सुबह 6:19 बजे इसरो ने बताया कि दोनों उपग्रह एक दूसरे से 15 मीटर की दूरी पर हैं। इन्होंने एक-दूसरे की फोटो और वीडियो ली है।
सुबह 7:06 बजे इसरो ने X पर पोस्ट कर बताया कि दोनों उपग्रह को 15 मीटर और फिर 3 मीटर तक करीब लाया गया। इसके बाद सुरक्षित दूरी पर वापस ले जाया जा रहा है। डेटा का आगे विश्लेषण करने के बाद डॉकिंग प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
30 दिसंबर को इसरो ने लॉन्च किया था SpaDeX मिशन
30 दिसंबर को इसरो ने सफलतापूर्वक SpaDeX मिशन लॉन्च किया था। इस मिशन का लक्ष्य छोटे अंतरिक्ष यान का इस्तेमाल करते हुए अंतरिक्ष में डॉकिंग क्षमता का प्रदर्शन है। इसके लिए PSLV C60 रॉकेट श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से लॉन्च किया गया था। यह रॉकेट अपने साथ 220kg के दो उपग्रहों को ले गया और 475km की ऊंचाई पर वृत्ताकार कक्षा में स्थापित किया।
इसरो के अनुसार SpaDeX मिशन अंतरिक्ष में डॉकिंग के लिए एक कम लागत वाली टेक्नोलॉजी डेमोंस्ट्रेटर है। यह भारत के भविष्य के अंतरिक्ष मिशनों के लिए महत्वपूर्ण तकनीक है। इसमें चांद पर खोज और भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (BAS) का विकास शामिल है। इस तकनीक का सफल प्रदर्शन भारत के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसा होने पर भारत अंतरिक्ष डॉकिंग क्षमता रखने वाला दुनिया का चौथा देश बन जाएगा।
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