सार
BJP Black Sankranti protest: कर्नाटक में संक्रांति के पहले बेंगलुरू के चामराजपेट में गायों पर बर्बरता ने दिल दहला कर रख दिया है। यहां के विनायकनगर इलाका में गायों के साथ बर्बरता ने पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैला दिया है। तनाव की स्थितियां पैदा हो गई हैं। इस घटना पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी का आदेश दिया है। उधर, बीजेपी ने इस घटना की निंदा करते हुए 'ब्लैक संक्रांति' मनाने का ऐलान किया है।
विनायकनगर में दिल दहला देने वाली घटना
बेंगलुरु के चामराजपेट क्षेत्र में विनायकनगर इलाके से गायों के साथ बर्बरता की गई। इस घटना से पूरे क्षेत्र में आक्रोश फैल गया है। यहां अज्ञात हमलावरों ने तीन गायों पर हमला कर उनके थनों को काट दिया। गायों के मालिक करन ने बताया कि उन्हें खून से लथपथ हालत में पाया गया। इस घटना की सूचना के बाद पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया। इस क्रूर घटना ने धार्मिक और सामाजिक भावनाओं को झकझोर कर रख दिया है।
मुख्यमंत्री ने जतायी चिंता, गिरफ्तारी का आदेश
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने घटना पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए कहा: मैंने पुलिस कमिश्नर को निर्देश दिया है कि दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। कानून के अनुसार उन्हें कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
गृह मंत्री का आश्वासन
कर्नाटक के गृह मंत्री जी परमेश्वर ने जनता को आश्वस्त किया कि पुलिस जांच जारी है। उन्होंने कहा: हम दोषियों को न्याय के कटघरे तक लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उन्होंने विश्वास दिलाया कि आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
बीजेपी ने की 'ब्लैक संक्रांति' की घोषणा
कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता आर अशोक ने इस घटना की निंदा की है। उन्होंने कहा कि यह राज्य में पनप रहे खतरनाक मानसिकता का उदाहरण है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर दोषियों को जल्द गिरफ्तार नहीं किया गया तो बीजेपी 'ब्लैक संक्रांति' मनाएगी। यह निंदनीय कृत्य हमारी आस्थाओं को हिला देने वाला है। हम संक्रांति नहीं मनाएंगे और इसके बजाय इसे विरोध के दिन के रूप में मनाएंगे। आर अशोक ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा: ऐसी घिनौनी घटना के बाद हम संक्रांति कैसे मना सकते हैं?
संक्रांति के महत्व पर प्रहार
दरअसल, संक्रांति पर गायों की पूजा और साज-सज्जा की जाती है। इस क्षेत्र में गहरी सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व रखती है। विपक्षी नेता चलवादी नारायणस्वामी और पूर्व उपमुख्यमंत्री सी एन अश्वथ नारायण ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की।
यह भी पढ़ें:
ट्रैफिक के मामले में भारत का दूसरा सबसे धीमा शहर है बेंगलुरु, जानें पहला कौन