सार
बेंगलुरु। कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से भाषा को लेकर विवाद सामने आते रहे हैं। कभी खबर आती है कि कन्नड़ भाषा नहीं बोलने के चलते ऑटो ड्राइवर ने बदतमीजी की तो कभी कुछ और। अब इस कड़ी में पुलिस भी जुड़ गई है। बेंगलुरु पुलिस से जरूरत के समय मदद सिर्फ इसलिए नहीं मिली कि फोन करने वाले विदेशी को कन्नड़ भाषा नहीं आती थी।
यह घटना सुर्खियों में है। मामला बुधवार अगले सुबह का है। करीब 30 साल के स्पेनिश नागरिक जीसस एब्रिएल अपने अपार्टमेंट में लगभग छह घंटे तक फंसा रहे। दो चोर उनके फ्लैट में घुस आए थे। एब्रिएल ने डर के मारे आपातकालीन नंबर 112 पर कॉल किया। ऑपरेटर ने उनसे कहा कि जो बोलना है कन्नड़ में बोलो। वह कन्नड़ नहीं बोल सके तो ऑपरेटर ने फोन काट दिया। इसके चलते एब्रिएल को तत्काल सहायता नहीं मिल पाई।
एब्रिएल लैंगफोर्ड रोड पर निडस अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स में अपने ग्राउंड-फ्लोर फ्लैट में अकेले थे। रात करीब 2 बजे दो चोर एक बेडरूम के बाथरूम से लौवर विंडो ग्लास हटाकर उनके घर में घुस गए। चोर लगभग 30 मिनट घर के अंदर रहे। एब्रिएल अपनी सुरक्षा के डर से दूसरे बेडरूम में रहे।
उन्होंने पुलिस से मदद मांगने के लिए 112 डायल किया। ऑपरेटर ने कहा कि जो कहना है कन्नड़ में कहो। एब्रिएल कन्नड़ बोल नहीं सके तो ऑपरेटर ने फोन काट दिया। एब्रिएल के मकान मालिक सुदीप एस ने यह जानकारी मीडिया को दी।
कीमती सामान चुरा ले गए चोर
चोरों ने एक लैपटॉप, एक प्लैटिनम की अंगूठी और हेडफोन चुरा लिया। वे एब्रिएल का पर्स भी ले गए। इसमें 10,000 रुपए, एब्रिएल का स्पेनिश आईडी कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और डेबिट कार्ड थे। चोर बाथरूम की खिड़की से घुसे और उसी बेडरूम में एक स्लाइडिंग खिड़की से बाहर निकल गए।
अपार्टमेंट परिसर में नहीं लगे हैं सीसीटीवी कैमरे
अपार्टमेंट परिसर में सीसीटीवी कैमरे नहीं हैं। इसके चलते पुलिस अधिकारियों के लिए सबूत जुटाना मुश्किल हो गया। प्रवेश द्वार पर मौजूद एक सुरक्षा गार्ड चोरी के दौरान पास के चौकीदार से बात कर रहा था। पुलिस इस संभावना की जांच कर रही है कि चोर इलाके में चल रहे निर्माण प्रोजेक्ट में काम करने वाले मजदूर थे।
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हेल्पलाइन ऑपरेटर द्वारा फोन काटे जाने पर पुलिस ने क्या कहा?
पुलिस ने एब्रिएल के घर हुई चोरी के संबंध में केस दर्ज कर लिया है। एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया कि संभव है कि इमरजेंसी हेल्पलाइन ऑपरेटर ने एब्रिएल की मिश्रित स्पेनिश-अंग्रेजी कॉल को शरारत या नशे में डायल समझ लिया होगा। हेल्पलाइन पर बड़ी संख्या में कॉल आती हैं, जिनमें से कई बेकार होती हैं। एक दिन में 15,000-20,000 कॉल आती हैं। इनमें सिर्फ 1,500 ही सही होती हैं।