सार

भगवद् गीता संपूर्ण मानवता के लिए एक मार्गदर्शक है, मुश्किलों में घिरे लोगों के लिए दिशासूचक है। कहा जाता है कि मानव जीवन में आने वाली हर समस्या का समाधान भगवद् गीता में मिलता है। लेकिन जीवन में समस्याएं आने पर व्यक्ति को कैसा व्यवहार करना चाहिए? 

रिलेशनशिप डेस्क: हर व्यक्ति के जीवन में कष्ट और समस्याएं आना स्वाभाविक है। मुश्किल समय में व्यक्ति कैसा रहता है, उसी पर उसका जीवन निर्भर करता है। इसलिए कहा जाता है कि समस्याओं का सामना करते समय सावधानी से काम लेना चाहिए। गीता में भी श्रीकृष्ण भगवान ने इस बारे में बताया है। जीवन में समस्याएं आने पर तीन बातें जरूर याद रखनी चाहिए। वो क्या हैं... 

समस्या में डालने वालों को.. 

जो लोग आपको समस्याओं में डालते हैं, उन्हें कभी न भूलें। जिस तरह हमें अच्छाई करने वालों को याद रखना चाहिए, उसी तरह हमें धोखा देने वालों, हमें छलने वालों, हमें समस्या में डालने वालों को भी याद रखना चाहिए। भविष्य में हमेशा उनसे सावधान रहें। जहाँ तक हो सके उनसे दूरी बनाए रखने की कोशिश करें। एक बार आपको समस्या में डालने वालों के लिए आपको फिर से परेशानी में डालना कोई बड़ी बात नहीं है। इसलिए जीवन भर उनसे सावधान रहना चाहिए। 

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समस्या आने पर.. 

समस्या आने पर जो लोग आपको छोड़ देते हैं, उन्हें भी जरूर याद रखें। समझ लीजिए कि वे आपके अपने नहीं, पराए हैं। जो लोग अच्छे समय में आपके साथ रहते हैं, वे आपके अपने नहीं हैं, बल्कि जो लोग आपके बुरे समय में आपके साथ खड़े रहते हैं, वही आपके अपने हैं, इस सच्चाई को पहचानें। ऐसे लोगों के साथ ही अपनी दोस्ती बनाए रखें। जो लोग आपको समस्या में छोड़ देते हैं, उनसे सावधान रहें। भविष्य में उनसे किसी भी तरह की उम्मीद न रखें। यह गलती से भी न सोचें कि वे आपका साथ देंगे। 

साथ देने वाले को न भूले कभी

समस्या के समय में जो लोग आपके साथ खड़े रहते हैं, उन्हें भी कभी नहीं भूलना चाहिए। समझ लीजिए कि यही आपके सच्चे दोस्त हैं। मुश्किल घड़ी में जो आपके साथ खड़े रहकर आपको हिम्मत देते हैं, जो आपको भरोसा दिलाते हैं, वही आपके सच्चे मित्र और करीबी हैं। ऐसे लोगों को जीवन में कभी न भूलें।  

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