सार
Sunita Williams: नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स 19 मार्च 2025 को धरती पर लौटेंगी। जानिए स्पेस में 9 महीने बिताने के बाद उनके स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ेगा और माइक्रोग्रेविटी उनके शरीर को कैसे प्रभावित करेगी।
Sunita Williams space return: नासा की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स 19 मार्च को धरती में वापस लौट रही हैं। दुनिया भर के लोग सुनीता विलियम्स का इंतजार बेसब्री से कर रहे हैं। सुनीता विलियम्स के धरती पर सही-सलामत वापस आने की दुआ करोड़ों लोग कर रहे हैं। ऐसे में कई लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि आखिर सुनीता विलियम्स जब धरती पर आएंगी तो उनका स्वास्थ्य कैसा होगा? 9 महीने तक स्पेस में रहने के बाद सुनीता विलियम्स को कई शारीरिक दिक्कतों का सामना धरती में करना पड़ सकता है। आईए जानते हैं सुनीता विलियम्स के स्वास्थ्य (Sunita Williams Health) पर क्या असर पर सकता है।
स्पेस में सुनीता विलियम्स का स्वास्थ्य (Sunita Williams' health in space)
नेशनल एरोनॉटिक्स एंड स्पेस एडमिनिस्ट्रेशन (NASA) ने एक ब्लॉग में जानकारी देते हुए बताया था कि स्पेस में रहने वाले एस्ट्रोनॉस्ट पर रेडिएशन का इफेक्ट लंबे समय तक रहता है। लंबे समय तक स्पेस में रहने के कारण सुनीता विलियम्स को न सिर्फ स्पेस सिकनेस होगी बल्कि पूरे शरीर में सूजन भी आ जाएगी। साथ ही सिरदर्द, उल्टी आदि लक्षण भी दिखेंगे।
एस्ट्रोनॉस्ट के शरीर की हड्डियों पर बुरा असर (Bad effect on bones)
पृथ्वी में ग्रेविटेशन होता है जबकि स्पेस में नहीं। इस कारण से पूरी तरह से पैरौं का इस्तेमाल बंद होता है। नौ महीने तक सुनीता विलियम्स ने पैरों का इस्तेमाल नहीं किया है जिसके कारण धरती में पहुंचकर चलना उनके लिए मुश्किल होगा। हर महीने स्पेस में हड्डियों में करीब 1% से 1.5% मिनिरल डेंसिटी की कमी (बोन लॉस) होती है। सुनीता विलियम्स को बेबी फीट की समस्या से गुजरना पड़ सकता है। इसमें चलना बेहद कठिन महसूस होता है।
बढ़ सकता है किडनी स्टोन का खतरा (Risk of kidney stones)
स्पेस में माइक्रोग्रेविटी के कारण लिक्विड सिर की ओर जाता है जिससे ऑप्टिक नर्व के पास अधिक तरल के कारण आंखों संबंधी समस्या (एडिमा) का खतरा रहा है। साथ ही डिहाइड्रेशन और कैल्शियम के अधिक उत्सर्जन से शरीर पर बुरा असर पड़ता है। एस्ट्रोनॉस्ट को किडनी स्टोन का खतरा बढ़ जाता है।