अफगानिस्तान में तालिबान के नए कानून के तहत पति अपनी पत्नी को पीट सकता है। यह तब तक अपराध नहीं है जब तक कि कोई हड्डी न टूटे या गंभीर चोट न आए। इस कानून की दुनिया भर में कड़ी आलोचना हो रही है।

नई दिल्ली: अफगानिस्तान में तालिबान सरकार ने एक ऐसा कानून बनाया है, जिसे सुनकर कोई भी हैरान रह जाए. इस नए कानून के तहत, अब पति अपनी पत्नी को पीट सकता है और यह कोई अपराध नहीं होगा. जी हां, आपने सही पढ़ा. दुनिया में शायद ही कहीं ऐसा कानून हो, जो अफगानिस्तान में बनाया गया है.

अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने यह अजीबोगरीब कानून लागू किया है. अब वहां पति का अपनी पत्नी को पीटना कानूनी तौर पर जायज है. इस कानून को लेकर पूरी दुनिया में बहस छिड़ गई है. तालिबान के इस कदम का लोग जमकर विरोध कर रहे हैं. इस बीच, बॉलीवुड एक्ट्रेस स्वरा भास्कर ने भी इस पर अपना गुस्सा जाहिर किया है. स्वरा ने ऐसा कानून बनाने वालों को 'क्रूर और शैतानी मानसिकता' वाला बताया है.

तालिबान के नए कानून के मुताबिक, पति को अपनी पत्नी को पीटने की पूरी आजादी है. लेकिन, इसके साथ एक शर्त भी है. शर्त यह है कि पिटाई करते वक्त पति को ध्यान रखना होगा कि पत्नी की कोई हड्डी न टूटे और उसके शरीर पर कोई गंभीर चोट न आए. अगर पत्नी को कोई गंभीर चोट नहीं आती है, तो तालिबान शासन में इसे अपराध नहीं माना जाएगा. यह अजीबोगरीब कानून हाल ही में लागू किया गया है.

तालिबान के नए कानून पर स्वरा भास्कर का गुस्सा

तालिबान के इस नए कानून पर बॉलीवुड एक्ट्रेस स्वरा भास्कर ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा, 'मुझे इस पर यकीन नहीं हो रहा है. सच कहूं तो, तालिबान इंसानियत के सबसे घिनौने उदाहरणों में से एक है. क्रूर और शैतानी... यह इंसानियत और उस धर्म का अपमान है जिसका वे प्रतिनिधित्व करते हैं. यह पूरी तरह से घिनौना है.'

स्वरा का यह रिएक्शन उन खबरों के बाद आया है, जिनमें कहा गया कि तालिबान ने 90 पन्नों का एक नया 'पीनल कोड' यानी दंड संहिता लागू की है. इस पर तालिबान के नेता हिबतुल्लाह अखुंदजादा ने दस्तखत किए हैं. बताया जा रहा है कि इसमें महिलाओं को गुलामों जैसा दर्जा दिया गया है. इतना ही नहीं, पति अपनी पत्नी को पीट भी सकता है. अगर पत्नी को बहुत ज्यादा पीटा गया है, तो वह शिकायत दर्ज करा सकती है, लेकिन उसे कोर्ट में सबूत पेश करने होंगे.

शिकायत दर्ज कराने की शर्तें

नए पीनल कोड के अनुसार, महिलाओं को घरेलू हिंसा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने का अधिकार तो है, लेकिन इसके लिए कुछ बहुत सख्त शर्तें भी लगाई गई हैं. महिला को अपने पति या माता-पिता के साथ कोर्ट आना होगा और अदालत में अपनी चोटें दिखानी होंगी. अगर पत्नी यह साबित कर देती है कि पति ने उसे पीटा है, तो पति को 15 साल तक की जेल हो सकती है. लेकिन अगर कोई दिखने वाली चोट या हड्डी टूटने का सबूत नहीं है, तो पति को कोई सजा नहीं होगी.