‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी 2’ में मिहिर-तुलसी की रोमांटिक डेट के साथ हल्के-फुल्के पल देखने को मिले। वहीं करण-नंदिनी के रिश्ते में तनाव बढ़ता है और तलाक की नौबत आ जाती है। दूसरी ओर, मुन्नी और शोभा शादी की सीक्रेट प्लानिंग करते नजर आते हैं। आने वाले एपिसोड में रोमांस, शक और भी कई ट्विस्ट देखने को मिलेंगे।
KSBKBT2 Latest Episode Twist: ‘क्योंकि सास भी कभी बहू थी’ में दिखाया गया है कि मिहिर, तुलसी को कॉफी डेट पर चलने के लिए कहता है, लेकिन तुलसी मना कर देती है। बाद में वह खुश होकर चौंक जाती है, जब उसे पता चलता है कि मिहिर ने घर के अंदर ही एक खास रोमांटिक डेट का इंतजाम किया है। तुलसी माहौल को हल्का बनाने के लिए मजाक में कहती है कि मुन्नी भी उनके साथ शामिल हो जाए। वह मिहिर से हंसी-मजाक करते हुए चाय-नाश्ता लाने को कहती है और रसोइए को छुट्टी दे देती है।
मुन्नी ने मिहिर-तुलसी को अकेले छोड़ा
मिहिर, तुलसी के लिए चाय और मुन्नी के लिए अमेरिकानो बनाने की कोशिश करता है। जैसे ही मुन्नी को उसका ड्रिंक मिलता है, वह दोनों को अकेला छोड़ देती है ताकि वे अपने खास पल का आनंद ले सकें। दूर से मुन्नी और शोभा, मिहिर और तुलसी के बीच की प्यारी बातचीत और मजबूत बॉन्डिंग को देखकर खुश होते हैं।
करण-नंदिनी के रिश्ते में बढ़ता तनाव
कहानी के दूसरे हिस्से में, करण नंदिनी को मालाबार हिल में एक घर दिखाने ले जाता है। वह बताता है कि भारत लौटने के बाद वह उनके लिए यह घर खरीदना चाहता है। वह यह भी कहता है कि अमेरिका की प्रॉपर्टी बेचने के बाद यह फैसला उनके फाइनेंस मैनेजमेंट का हिस्सा है। हालांकि, करण के समझाने के बावजूद नंदिनी को उस पर शक बना रहता है। इससे करण परेशान हो जाता है। वह नंदिनी को मनाने के लिए फूलों का सरप्राइज देता है, लेकिन नंदिनी उसके इरादों पर सवाल उठाना नहीं छोड़ती। नंदिनी कहती है कि करण अब पहले जैसा नहीं रहा। दोनों के बीच बहस बढ़ जाती है और गुस्से में करण तलाक तक की बात कह देता है, यह कहते हुए कि वह अब नंदिनी के साथ नहीं रह सकता।
मुन्नी की गुपचुप शादी की प्लानिंग
इसी बीच, मुन्नी चुपके से मिहिर और तुलसी की शादी की तैयारी शुरू कर देती है। शोभा को यह आइडिया सही नहीं लगता और वह कहती है कि शायद तुलसी इसके लिए तैयार न हो। कुछ देर बात करने के बाद शोभा भी उनकी मदद करने के लिए मान जाती है। लेकिन तभी तुलसी उनकी बात सुन लेती है। स्थिति संभालने के लिए शोभा तुरंत विषय बदल देती है और कहती है कि वे असल में परी की शादी की योजना बना रहे थे। तुलसी उनकी चिंता की सराहना करती है, लेकिन कहती है कि परी के भविष्य के फैसले उसी पर छोड़ देने चाहिए। इसके बाद शोभा और मुन्नी तय करते हैं कि बिना पूछे मिहिर-तुलसी की शादी की प्लानिंग करने के बजाय परी की शादी पर ध्यान देना बेहतर रहेगा।


