Math Trick Viral on Social Media: सोशल मीडिया पर मैथ सिखाने का एक अनोखा तरीका वायरल हो रहा है। वीडियो में बच्ची ने आसान ट्रिक से मुश्किल सवाल हल कर दिया, लोग इसे जीनियस टीचिंग मेथड बता रहे हैं। वीडियो नीचे देखें

Viral Video Student Solving Math Problem With Unique Method: सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें बच्ची बेहद आसान तरीके से मुश्किल गणित के सवाल हल करती दिखाई दे रही है। इस वीडियो ने लोगों को हैरान कर दिया है क्योंकि इसमें पढ़ाने का तरीका बिल्कुल अलग और दिलचस्प है। वीडियो को X (ट्विटर) और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म पर हजारों लोग देख चुके हैं। कई लोग इसे “जीनियस टीचिंग मेथड” बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे लेकर सवाल भी उठा रहे हैं।

गेम की तरह मैथ्स की पढ़ाई कर रही बच्ची

वायरल क्लिप में एक बच्ची के पढ़ने का ऐसा तरीका दिखता हैं जो आम स्टूडेंट्स से बिल्कुल अलग है। इसमें पढ़ाई किसी बोरिंग लेक्चर की तरह नहीं बल्कि एक गेम की तरह दिखाई देती है। कभी शरीर की हलचल से गणित के वेरिएबल समझाए जाते हैं तो कभी याद रखने के लिए खास ट्रिक का इस्तेमाल किया जाता है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि वीडियो में दिख रही बच्ची बेहद शांत तरीके से मैथ का सवाल हल कर देती है। आमतौर पर मुश्किल सवालों के समय बच्चों के चेहरे पर कन्फ्यूजन दिखता है, लेकिन इसमें बच्ची खुद आगे बढ़कर अगले स्टेप का अंदाजा लगा रही है। नीचे देखें वायरल वीडियो-

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वीडियो पर लोगों के मजेदार रिएक्शन

वीडियो वायरल होते ही सोशल मीडिया पर लोगों ने अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं देना शुरू कर दिया। एक यूजर ने लिखा, “काश हमारे स्कूल में भी ऐसा टीचर होता, शायद तब अलजेब्रा समझ में आ जाता।” दूसरे यूजर ने कहा, “यह सिर्फ पढ़ाना नहीं है, यह मकसद के साथ किया गया एक परफॉर्मेंस जैसा है।” हालांकि कुछ लोग इस तरीके को लेकर आलोचना भी कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा कि इस तरह के शॉर्टकट से बच्चों की गणित की बुनियादी समझ कमजोर हो सकती है। वहीं एक अन्य यूजर ने इसे जापानी मैथ ट्रिक बताते हुए कहा कि यह कॉन्सेप्ट समझाने से ज्यादा एक “चीट मेथड” जैसा है।

क्या यह तरीका सच में काम का है?

कुछ लोगों का मानना है कि इस तरह की क्रिएटिव टीचिंग बच्चों की दिलचस्पी बढ़ाने में बहुत मदद करती है। इससे बच्चे पढ़ाई को बोझ नहीं बल्कि मजेदार गतिविधि की तरह लेते हैं। लेकिन शिक्षा से जुड़े कई विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे तरीकों का इस्तेमाल समझ बढ़ाने के साथ-साथ होना चाहिए, ताकि बच्चे सिर्फ ट्रिक ही नहीं बल्कि असली कॉन्सेप्ट भी समझ सकें।