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परीक्षा पे चर्चा: बोर्ड के साथ कंपीटिटिव एग्जाम आ जाए तो क्या करें? छात्रों के 6 सवाल और PM मोदी के जवाब
Pariksha Pe Charcha 2026 Top Questions: परीक्षा पे चर्चा 2026 में पीएम मोदी ने छात्रों से बातचीत की। बोर्ड एग्जाम, कंपीटिटिव परीक्षा, पढ़ाई का फोकस और एग्जाम स्ट्रेस पर अहम टिप्स दिए। यहां पढ़ें स्टूडेंट्स के टॉप सवाल और पीएम मोदी के जवाब।

6 जनवरी, 2026 को “परीक्षा पे चर्चा” कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री आवास पर चुने गए बच्चों से सीधी बातचीत की। कार्यक्रम की शुरुआत में उन्होंने बच्चों का असमी गोमछा पहनाकर स्वागत किया और फिर छात्रों के सवालों का जवाब दिया। इस साल के सत्र में छात्रों ने पढ़ाई, बोर्ड एग्जाम, कॉम्पिटिटिव एग्जाम और जीवन कौशल से जुड़े कई सवाल पीएम मोदी से पूछे। आगे पढ़ें छात्रों के सवाल और पीएम मोदी के सीधे जवाब।
सवाल 1: 12वीं के स्टूडेंट्स बोर्ड एग्जाम के साथ कंपीटिटिव एग्जाम की तैयारी भी करते हैं। क्या ये सही है, क्योंकि दोनों का पैटर्न अलग है और दोनों एक ही समय में आते हैं? ऐसे में क्या करें?
पीएम मोदी का जवाब: पीएम मोदी ने कहा कि यह चिंता सही है। उन्होंने इसे ऐसे समझाया कि अगर आप एक ही समय में क्रिकेट और फुटबॉल खेलेंगे तो सोचेंगे कि किस पर ध्यान दूं। इसलिए 12वीं के एग्जाम पर फोकस करना सबसे जरूरी है। लेकिन अगर आपने पूरे सिलेबस पर मेहनत की है, तो कंपीटिटिव एग्जाम के लिए अलग से ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ेगी। उन्होंने पैरेंट्स से कहा कि बच्चों की क्षमता, स्किल और रुचि को पहचानें और उन्हें जल्दी परिणाम का दबाव न दें।
सवाल 2: बोर्ड एग्जाम की तैयारी करते समय हम क्वेश्चन बैंक देखकर तय कर लेते हैं कि कौन सा टॉपिक पढ़ना जरूरी है और कौन सा नहीं। क्या ऐसा करना सही है?
पीएम मोदी का जवाब: पीएम मोदी ने समझाया कि कई बार मुश्किल सवाल देखने पर लगता है कि वह सिलेबस के बाहर का है, लेकिन ऐसा नहीं होता। वह इसलिए कठिन लगता है क्योंकि छात्र पिछले सालों के प्रश्नों पर फोकस करते हैं, पूरे सिलेबस पर नहीं। कई बार कुछ शिक्षक भी ऐसा करते हैं, जोकि गलत है। लेकिन अच्छे टीचर पूरे सिलेबस को पढ़ाते और समझाते हैं। छात्रों के जीवन में उसकी अहमियत को समझते हैं। इसलिए अच्छे मार्क्स के लिए पूरे सिलेबस पर मेहनत करना जरूरी है।
सवाल 3: पढ़ाई करते समय ध्यान भटकता है और पढ़ी हुई चीज जल्दी भूल जाते हैं। ऐसे समय में खुद को शांत कैसे रखें?
पीएम मोदी का जवाब: पीएम मोदी ने कहा कि याद तब रह जाता है जब आप सीखने में खुद शामिल होते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि अपने से बेहतर छात्र से कुछ समय बैठकर सीखें और जो आप जानते हैं उसे दूसरों को समझाएं। इससे दिमाग सक्रिय रहता है और मन खुश रहता है।
सवाल 4: स्किल और मार्क्स में किसे ज्यादा महत्व देना चाहिए?
पीएम मोदी का जवाब: पीएम मोदी ने कहा कि पढ़ाई और स्किल दोनों जरूरी हैं। उन्होंने इसे ऐसे बताया कि जीवन में संतुलन होना चाहिए। लाइफ स्किल और प्रोफेशनल स्किल दोनों पर ध्यान दें। बिना ज्ञान के कोई स्किल सही से काम नहीं करती। उदाहरण देते हुए कहा कि डॉक्टरी में नंबर 1 होना और मरीज के साथ जुड़ना दोनों जरूरी हैं। सिर्फ किताबें पढ़ कर आप अच्छे डॉक्टर नहीं बन सकते, उसके लिए काम करना और अनुभव हासिल करना जरूरी है। इसी तरह वकील बनने के लिए सिर्फ पढ़ाई नहीं, अनुभव भी चाहिए।
सवाल 5: हम जो सपने देखते हैं, उसे पूरा करने के लिए कौन सी हैबिट रोजाना अपने रूटीन में लानी चाहिए, जिससे हम उस सपने के करीब पहुंच सकें?
पीएम मोदी का जवाब: पीएम मोदी ने कहा- बड़े लोगों की बायोग्राफी पढ़ें। क्योंकि आज जो पीएम है वह भी कभी छोटे थे, बड़े अचीवर्स जो आज नाम कमा चुके हैं वह भी कभी छोटे थे। ऐसे में जब आप उनकी बायोग्राफी पढ़ेंगे तो उसे खुद से रिलेट कर पाएंगे कि अरे मैं भी तो ऐसा ही हूं। ऐसा तो मैं भी करता हूं। ऐसा करने से आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा। आपको ऐसा लगेगा कि हां ये पहला कदम है, यह दूसरा कदम और ये तीसरा, जो उन्होंने भी किया था। इस तरह आप छोटे-छोटे कदम आगे बढ़ाते हुए खुद ब खुद अपने सपने को हासिल करने के करीब आ जाएंगे।
सवाल 6: छोटे घर, कामकाज के बीच पढ़ना अक्सर मुश्किल हो जाता है और अगर पैरेंट्स हमारे सपनों को उतना सपोर्ट नहीं करते, तो ऐसे में हम क्या कर सकते हैं?
पीएम मोदी का जवाब: पीएम मोदी ने उदाहरण देते हुए कहा कि मैंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो में देखा था, जो मेरे मन को छू गया। एक पिताजी बैलगाड़ी पर रोजी-रोटी कमाने के लिए कुछ सामान लेकर जा रहे थे और उनका बच्चा बैलगाड़ी पर सामन ऊपर बैठा पढ़ रहा था। यानी वह कंफर्ट की चिंता नहीं कर रहा था। आराम का दायरा यानी कंफर्ट जोन हमारी जिंदगी नहीं बनाता। जीवन में आगे बढ़ना है और जीत हासिल करनी है, तो कंफर्ट जोन से बाहर निकलना ही पड़ता है। सुविधा होगी तो क्षमता आएगी यह सोच गलत है। आज छोटे गांव के गरीब बच्चे ज्यादा अच्छे मार्क्स ला रहे हैं, कंपीटिशन में सबसे आगे निकल रहे हैं। जीवन बनता है जिंदगी जीने के तरीके से।
इस बार परीक्षा पे चर्चा 2026 में पीएम मोदी ने छात्रों को फोकस, संतुलन, समझदारी और आत्मविश्वास रखने के टिप्स दिए। उनका संदेश साफ था कि पढ़ाई और स्किल दोनों जरूरी हैं, कठिन कामों का सामना करें और जीवन में संतुलन बनाएं।
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