IIT से पढ़े एक इंजीनियर ने बेंगलुरु में अपनी अच्छी सैलरी वाली नौकरी को उबाऊ बताया है। उसे कॉर्पोरेट काम में कॉलेज जैसी रचनात्मकता और उत्साह की कमी महसूस होती है। उसका यह दर्द बयां करने वाला पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।
पढ़ाई के दौरान हर किसी का सपना होता है कि अच्छी सैलरी वाली नौकरी मिले और ज़िंदगी सेट हो जाए। या फिर, कुछ बहुत क्रिएटिव करने का मौका मिले। लेकिन असल ज़िंदगी में ऐसा हो, ज़रूरी नहीं। अच्छी सैलरी मिल भी जाए, तो खुशी मिले ही, ये भी पक्का नहीं है। ऐसा ही एक पोस्ट अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
देश के सबसे प्रतिष्ठित IIT से पढ़े एक नौजवान ने सोशल मीडिया पर अपना दर्द बयां किया है। बेंगलुरु की एक बड़ी कंपनी में अच्छी-खासी सैलरी पर काम करने वाले इस इंजीनियर का कहना है कि पढ़ाई के दिनों वाला जोश अब नौकरी में नहीं रहा।
इस नौजवान ने लिखा कि कॉलेज की ज़िंदगी खत्म करके जब वो कॉर्पोरेट दुनिया में आया, तो उसे वो बदलाव नहीं मिला जिसकी उसने उम्मीद की थी। उसने लिखा, 'कॉलेज का दौर बहुत रोमांचक था। तब आसमान ही हमारी सीमा थी। हम अपनी पसंद की चीज़ें बना सकते थे और क्रिएटिव काम कर सकते थे। लेकिन आज की नौकरी बहुत बोरिंग है।'
इस नौजवान को बेंगलुरु के आउटर रिंग रोड का ट्रैफिक जाम और ऑफिस के रोज़-रोज़ के एक जैसे काम ने थका दिया है। उसका कहना है कि कैंपस में जो दोस्त साथ थे, वे अब अपनी-अपनी ज़िंदगी में व्यस्त हैं। इसलिए अब नए आइडिया पर बात करने या साथ मिलकर कुछ करने का समय ही नहीं मिलता। उसने पूछा, 'मेरी सैलरी अच्छी है, लेकिन अब यह भी उबाऊ लगने लगी है। कोई अपनी नौकरी से कितना ही प्यार कर सकता है?'

नौजवान ने आगे लिखा कि वो अपनी काबिलियत का इस्तेमाल किसी बड़े काम के लिए करना चाहता है और एक बड़े प्रोजेक्ट का हिस्सा बनना चाहता है। उसकी इस पोस्ट पर कई लोगों ने कमेंट्स किए और अपने ऐसे ही अनुभव बांटे। एक यूज़र ने लिखा, 'पढ़ाई के दिन जी भरकर जी लो, बाद में इतनी खुशी शायद ही मिले।' वहीं, कुछ लोगों ने उसे उन लोगों की याद दिलाई जिनके पास न तो नौकरी है और न ही सैलरी।


